राजनांदगांव। आगामी एक अप्रैल से शहर में करदाताओं को टैक्स की मार झेलनी पड़ सकती है. जमीन के बढ़े हुए दाम से पहले ही लोग उबर नही पाए थे कि अब संपत्ति की मार पड़ेगी. राज्य शासन के निर्देश के तहत आगामी दिनों कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार टैक्स का निर्धारण किया जाएगा.
बता दे हाल ही में सात साल बाद कलेक्टर दर में बढ़ोत्तरी की गई है. जिससे शहर सहित गांव की जमीन महंगी हो गई है. रजिस्ट्री में लागू दर को अब संपत्तियों के दर अनुसार निर्धारण किए जाने की तैयारी है. आगामी एक अप्रैल से निगम द्वारा चालीस हजार करदाताओं के मकानों की जांच की जाएगी.

हाल ही में निगम ने सामान्य सभा की बैठक में संपत्तियों के युक्तियुक्तकरण का मसौदा पास करा लिया है. अब आगे एमआईसी की मंजूरी के बाद अप्रैल माह से राजस्व बढ़ाने सर्वे डोर टू डोर शुरू किया जाएगा. नगरनिगम से प्राप्त जानकारी अनुसार में वर्ष 1997 के बाद 2014-15 को से संपत्ति का युक्तियुक्तकरण नही हो सका हैं. राज्य शासन द्वारा सभी नगरीय निकायों को अपने स्तर पर राजस्व बढ़ाने कहा गया है. इस निर्देश के अनुसार ही निगम द्वारा सामान्य सभा में प्रस्ताव पास कराया गया हैं, जिसे युक्तियुक्तकरण के जरिए शहर में स्थापित संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा.
अफसरों की माने तो वर्तमान में ऐसे प्रकरण लगातार सामने आ रहे है. जिसमे करदाता की जमीन अधिक है, लेकिन उनके द्वारा निर्धारित जमीन से कम पर टैक्स की अदायगी की जा रही है. ऐसे ही प्रकरणों की जानकारी जुटाने अप्रैल माह से सर्वे किया जाएगा. शहर के 51 वार्ड में चालीस हजार से अधिक करदाता शामिल हैं.
भराए जाएंगे घोषणा पत्र, पांच फीसदी पैनाल्टी लगेगा : युक्तियुक्तकरण के तहत पहले करदाताओं को डोर टू डोर फार्म वितरित किए जाएंगे. इस फार्म के जरिए करदाताओं से उद्घोषणा पत्र भराए जाएंगें. हितग्राहियों द्वारा फार्म जमा कि जाने के बाद निगम की टीम भौतिक सत्यापन करेगी. अगर हितग्राही और टीम की जांच में अंतर पाया गया कि तो टैक्स की पूरी राशि का पांच फीसदी पैनाल्टी वसूलने का प्रावधान हैं.
कलेक्टर दर में पहले ही लगी आग : राज्य शासन द्वारा कलेक्टर दर में बढ़ोत्तरी की गई है. इस विगत बीस नवंबर को बढ़ोत्तरी से पहले ही शहर और गांव तक महंगी दर की आग लगी हुई है. वहीं एक बार फिर निगम में कलेक्टर दस से संपत्तिकर की वसूली से आम लोगों पर टैक्स की मार लगने वाली है. जिसके चलते हर साल संपत्तिकर बढ़े हुए दर से वसूली होगी.
29 साल से नही किया भौतिक सत्यापन : निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार. वर्ष 1997 के बाद से नगरनिगम में संपत्तियों का भौतिक सत्यापन नही किया गया है. वर्तमान में निगम की सालाना राजस्व बेहद कम होने के कारण हर माह निगम को शासन की ओर ताकनी पड़ती हैं. वहीं वेतन के लाले भी होना पड़ता है. ऐसे में भौतिक सत्यापन से राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी. इससे पहले भी जीआईएस सर्वे के लिए निगम द्वारा निजी कंपनी से टेंडर की गई थी. लेकिन इसे जमीनी स्तर पर लागू नही किया गया.
किसानों को धान के बदले धनिया की फसल लेने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
राजनांदगांव। जिले में उद्यानिकी फसलों की ओर किसानों का रूझान बढ़ा है. ग्रीष्मकालीन धान के बदले धनिया की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जंगलेसर के किसान श्री दौलतराम साहू ने 2.5 एकड़ में धनिया की फसल लगाई है. उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग से इसके लिए मदद मिली है तथा 20 किलो धनिया बीज प्राप्त हुआ है. फसल चक्र परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह फसल लगाई है. विशेषकर फल धनिया से उन्हें मार्च- अप्रैल में इसका लाभ मिलेगा.
उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण के बहुत से लाभ है. धान की फसल की अपेक्षा धनिया की खेती में कम पानी लगता है. भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ती है, लागत कम आती है और बीमारी कम होती है. धान की फसल की तुलना में अन्य फसलों से अधिक लाभ हो रहा है. शासन द्वारा चना, सरसों एवं अन्य फसलों की भी खरीदी करने की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को और भी लाभ होगा. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंत्रीपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एक मुश्त भुगतान करने का निर्णय लिया गया है. यह किसानों के लिए बहुत ही खुशी की बात है.
होली से पहले समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को मिलेगी अंतर राशि
राजनांदगांव। मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. किसानों ने यह खुशखबरी मिलने पर हर्ष व्यक्त किया.
राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम भंवरमरा के किसान श्री रामावतार सिन्हा ने कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक में होली के पहले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा. उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया.
ग्राम मुसराकला के किसान कंवल निर्मलकर ने कहा कि उन्होंने इस वर्ष 28 क्विंटल धान की बिक्री की है. सरकार ने धान खरीदी केन्द्रों में अच्छी व्यवस्था की थी, ताकि किसानों को कोई असुविधा नहीं हो. उन्होंने बताया कि धान बिक्री की राशि धाते में समय पर प्राप्त हो गई है, इसके लिए प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय को आधार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि हम सभी किसान होली पर्व के पहले अंतर की राशि मिलने से होली का त्यौहार अच्छे से मना पाएंगे. होली त्यौहार पर हम किसानों के चहरे पर खुशी एवं रौनक आयेगी.
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में 16 को शिविर
राजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अंतर्गत बेरोजगार युवाओं हेतु विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म श्रेणी के खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने 16 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे से संयुक्त कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कमरा नंबर 01 कलेक्टोरेट परिसर राजनांदगांव में एक दिवसीय मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया है. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ लेने के इच्छुक नागरिक शिविर में अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड पासबुक की कापी जमा कर पंजीयन करा सकते है. योजना के तहत 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है.
हत्या के मामले में दोषी युवक को मिली उम्रकैद की सजा
खैरागढ़। थाना खैरागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिरावाही में वर्ष 2023 में हुई एक हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय के फैसले के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, 1 मार्च 2023 की रात करीब 11 बजे ग्राम हिरावाही स्थित तालाब में चौकीदारी कर रहे अशोक बर्मन और मोहन राय तालाब पार बनी झोपड़ी में भोजन कर रहे थे. इसी दौरान धनंजय बाग उर्फ भाईजान उर्फ सोनू ने वहां पहुंचकर दोनों पर पैसे चोरी करने का आरोप लगाया और विवाद शुरू कर दिया. विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अशोक बर्मन के साथ मारपीट की और उसे दौड़ाकर तालाब में ले जाकर पानी में डुबो दिया जिससे उसकी मौत हो गई.
घटना की सूचना मिलने पर थाना खैरागढ़ में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. विवेचना के दौरान आरोपी को तालाब के पास से हिरासत में लिया गया. आरोपी के भीगे कपड़े और घटना में प्रयुक्त किए गए डंडे को मौके से जब्त किया गया. इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.
प्रकरण की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायालय खैरागढ़ ने 12 फरवरी 2026 को आरोपी धनंजय बाग का दोष सिद्ध होने पर सश्रम आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई. न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया. पुलिस ने मामले में प्रभावी जांच और पैरवी करते हुए आरोपी को सजा दिलाने में सफलता हासिल की है.
दर्जन भर सड़कों का फिर होगा डामरीकरण
राजनांदगांव। बारिश के पहले शहर में डामरीकरण के रूके कार्यो का फिर से टेंडर नगर निगम द्वारा कर लिया गया है. जल्द ही शहर के दर्जनभर सड़कों का फिर से डामरीकरण किया जाएगा. करीब तीन करोड़ की लागत से शहर की सड़कों को डामरीकरण किया जाएगा. अफसरों की माने तो बारिश के पहले 28 सड़कों में डामरीकरण पूरा हो चुका है.
जानकारी अनुसार, बारिश के पहले करीब 42 सड़कों में डामरीकरण के लिए दस करोड़ की लागत से टेंडर किया गया था. लेकिन घटिया निर्माण के चलते कुछ ठेकेदारों के कार्य निरस्त कर दिए गए थे. उस दौरान सभी 42 सड़कों में डामरीकरण नहीं हो पाया था. जिसे निगम ने फिर से रीटेंडर कर लिया है. अफसरों ने बताया कि जल्द ही वर्क आर्डर जारी कर डामरीकरण कार्य शुरू कराया जाएगा.
होली व बोर्ड परीक्षा के बीच डीजे बजाने से पहले लेनी होगी अनुमति
राजनांदगांव। होली पर्व और आगामी दिनों बोर्ड की परीक्षा होना है. इसके लिए पुलिस प्रशासन ने डीजे संचालको की बैठक लेकर साफतौर पर कहा है कि बगैर अनुमति के डीजे नही बजाए जाएंगे. बैठक में होली पर्व, बोर्ड परीक्षा एवं अन्य आयोजनों के दौरान डीजे, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया. बताया गया कि किसी भी कार्यक्रम में साउंड सिस्टम के उपयोग हेतु प्रशासन को पूर्व सूचना देकर, निर्धारित मानक ध्वनि सीमा के अनुरूप अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा. साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है. निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित डीजे संचालकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र जप्त किए जाएंगे. बैठक में उपस्थित सभी डीजे संचालकों को निर्देशित किया गया कि, वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें, जिससे परीक्षा काल एवं त्योहारों के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
पिता के निधन की खबर सुनकर लौट रहे पुत्र का भी हुआ निधन
डोंगरगढ़। शुक्रवार को शहर से 5 किलोमीटर दूर भैंसरा में एक मार्मिक घटना सामने आई . बताया जाता है. कि भैंसरा निवासी कार्तिक उईके सेवानिवृत शिक्षक 81 वर्ष कि आयु में आज उनका निधन हो गया था. जिसकी खबर डेढ़ महीने से वेंटिलेटर पर जीवन और मौत के लिए संघर्ष कर रहे उनके पुत्र को बताई गई, जिसके बाद पिता को अंतिम विदाई देने के लिए उनके पुत्र अपने गृह गांव वेंटिलेटर पर ही आ रहे थे.
बताया जाता है उनको लाने के दौरान उनका भी निधन हो गया. जिनकी पहचान हीरा राम उईके शिक्षक 52 वर्ष बताई गई. कार्तिक उईके के तीन पुत्र और एक पुत्री थी. जिसमें से हीरा राम उईके ज्येष्ठ पुत्र थे . हीरा राम उईके के दो पुत्र है. जो दोनों एमबीबीएस डाक्टर है. पिता पुत्र के ऐसे निधन कि खबर सुनने के बाद क्षेत्र व आसपास के गांव में शोक की लहर है. उनके अंतिम संस्कार में स्वजातीय गण आस- पास सहित अधिक संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे.
वेतन के लिए निगम के सफाई कर्मचारियों ने फिर छेड़ा आंदोलन
राजनांदगांव। नगर निगम की सफाई कर्मचारियों द्वारा एक बार फिर से वेतन की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया गया है. सफाई कर्मचारियों के आंदोलन में चले जाने से वार्डों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है.
महाशिवरात्रि के दो दिन पहले ही सफाई कर्मचारियों द्वारा आंदोलन शुरू कर देने से वार्डों में आज काफी अव्यवस्था देखने को मिली हैं, तो वही नियमित कर्मचारियों से लेकर प्लेसमेंट तथा मस्टर रोल के कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं. सफाई कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो महाशिवरात्रि के पर्व में भी काफी गंदगी देखने को मिलेगी.
ज्ञात हो कि नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 51 वार्डों में से 27 वार्ड ठेके में दिए गए हैं. शेष वार्डों की साफ सफाई नगर निगम की नियमित सफाई कर्मचारी और प्लेसमेंट तथा मस्टर रोल के कर्मचारियों के माध्यम से सुनिश्चित कराई जा रही है. सूत्र बता रहे हैं कि इन कर्मचारियों को विगत 3 माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है.
बार-बार आश्वासन देने के बाद भी समय पर वेतन का भुगतान नहीं करने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने एक बार फिर से आंदोलन छेड़ दिया है. महाशिवरात्रि पर्व के दो दिन पहले सफाई कर्मचारियों द्वारा आंदोलन शुरू कर देने से वार्डों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ने लगी है. अगर सफाई कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो महाशिवरात्रि के पर्व में जगह-जगह गंदगी का आलम देखने को मिलेगा.
नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नगर निगम में नियमित कर्मचारियों की संख्या भी 121 के आसपास बताई जा रही है, जिन्हें भी लंबे समय से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. इसी प्रकार से प्लेसमेंट कर्मचारियों की संख्या भी 36 बताई जा रही है, जबकि मस्टर रोल की सफाई कर्मचारी 56 है. जिन्हें भी काफी लंबे समय से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है. ऐसे में सफाई कर्मचारियों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है.
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