भुवनेश्वर: ओडिशा कांग्रेस ने मंगलवार को हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करने के आरोप में तीन विधायकों को निलंबित कर दिया. यह अनुशासनात्मक कार्रवाई तब की गई, जब इन विधायकों पर कथित तौर पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने का आरोप लगा.

निलंबित नेताओं में रमेश जेना, दशरथी गमांग और सोफिया फिरदौस शामिल हैं. क्रॉस-वोटिंग करने के उनके फैसले से पार्टी के भीतर तत्काल तीखी प्रतिक्रिया हुई, और उन पर संगठनात्मक अनुशासन तोड़ने का आरोप लगाया गया.

प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने निलंबन की घोषणा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पार्टी ऐसी किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी, जिससे उसकी सामूहिक रणनीति कमजोर पड़ती हो. उन्होंने इस कदम को संगठन की साख बचाने के लिए जरूरी बताया.

राज्यसभा चुनावों ने कांग्रेस खेमे के भीतर की गहरी फूट को उजागर कर दिया. प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार का समर्थन करके, इन तीनों विधायकों ने खुले तौर पर पार्टी के अधिकार को चुनौती दी. उनका निलंबन अन्य सदस्यों के लिए एक कड़ा संदेश है कि अनुशासनहीनता के क्या परिणाम हो सकते हैं.

कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पार्टी के आगामी राजनीतिक संघर्षों की तैयारी के बीच एकता बनाए रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने तर्क दिया कि क्रॉस-वोटिंग से पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा है और ओडिशा की राजनीति में उसकी स्थिति कमजोर हुई है.