अजय नीमा, उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में रक्षा बंधन त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे अहम माने जाने वाले बाबा महाकाल के दरबार में आज सुबह तीन बजे भस्मारती हुई। इस दौरान बाबा महाकाल को विशेष राखी बांधी गई और सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। ऐसी मान्यता है की बाबा महाकाल को सबसे पहले राखी बांधी जाती है। खास बात यह है कि यह राखी मन्दिर के पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा बांधी गई।

हर शुभ कार्य की शुरुआत बाबा महाकाल के दरबार से

कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में रक्षाबंधन का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाता है। श्रावण मास की पूर्णिमा के अवसर पर आज सुबह बाबा महाकाल के दरबार में विशेष भस्मारती की गई। इस मौके पर विशेष राखी बांधी गई। मान्यता है कि महाकाल की नगरी उज्जैन में हर शुभ कार्य की शुरुआत बाबा महाकाल के दरबार से होती है। सुबह तीन बजे बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक किया गया। बाबा को दूध-दही-शहद सहित अन्य द्रव्यों से स्नान कराया गया।

रक्षाबंधन पर बाबा महाकाल को विश्व में सबसे पहले बांधी गई राखी, पगड़ी पहनाकर अद्भुत श्रृंगार,

भस्म के बाद बाबा महाकाल को राखी बांधी गई

अभिषेक के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। भस्म के बाद बाबा महाकाल को राखी बांधी गई। इस मौके पर बाबा महाकाल के दरबार में लुड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस भव्य भस्म श्रृंगार और भोग के साथ महाआरती की गई। रक्षाबंधन की भस्मारती पर बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दरबार में मौजूद थे। सदियों से चली आ रही परंपरा के तहत बाबा महाकाल के दरबार में पुजारियों द्वारा सबसे पहले राखी बांधकर विश्व कल्याण और रक्षा की कामना की गई।

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