राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा के लिए सोमवार का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है। ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा का निर्वाचन शून्य करने का फैसला सुनाया। जिसके बाद अब सियासी गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या रामनिवास रावत को उनकी ‘वन मंत्री’ की कुर्सी दोबारा मिलेगी?

कांग्रेस से शिकस्त के बाद गया था पद

दरअसल, हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द कर पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को MLA घोषित कर दिया है। विजयपुर में मंत्री रहते हुए उन्होंने उपचुनाव लड़ा था जिसमें कांग्रेस से उन्हें करारी शिकस्त मिली थी। जिसके बाद कांग्रेस ने उन पर जमकर निशाना साधते हुए तंज कसे थे। 

साख वापस पाने का मौका 

लेकिन अब कोर्ट के आदेश के बाद उनकी राहें आसान हो गई है। बता दें कि उनके चुनाव हारने के बाद वन मंत्री की कुर्सी खाली है। ऐसे में उनके पास एक बार फिर खोई हुई साख वापस पाने का मौका है। अब देखना होगा कि किस्मत किस ओर करवट लेती है। 

कांग्रेस MLA पर आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का आरोप

गौरतलब है कि साल 2024 के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की ओर से मंत्री रामनिवास रावत और कांग्रेस की तरफ से मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया गया था। चुनाव परिणाम घोषित हुए तो कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा ने जीत दर्ज की थी। हार के बाद पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने ग्वालियर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने चुनावी नामांकन दाखिल करते समय अपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाई थी। 

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