कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को ‘बेचारा’ कहे जाने के मुद्दे पर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ताओं द्वारा तेजस्वी यादव का पुतला दहन किए जाने के बाद, अब राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने इस पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

​सम्मान की मांग या अपमान?

​कुमार सर्वजीत ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम सदन के अंदर रामविलास पासवान जी की प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे हैं। वह जितने कद के नेता थे, उन्हें उतना सम्मान मिलना चाहिए।” उन्होंने लोजपा (आर) पर पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोग केवल राजनीति चमकाने के लिए इसे मुद्दा बना रहे हैं, जबकि राजद हमेशा से पासवान जी के प्रति सम्मानजनक रही है।

​चिराग पासवान को सीधी चुनौती

​सर्वजीत ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को घेरते हुए कहा कि अगर वह वास्तव में दलित समाज के हितैषी हैं, तो केंद्र सरकार से बिहार के 65% आरक्षण के लंबित प्रस्ताव को पास करवाएं। उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं भी दलित हूं और वह भी दलितों के महान नेता थे। चिराग जी को समझना चाहिए कि समाज के लिए काम करना ही असली सम्मान है।

​प्रतिमा लगाने की जिद

​राजद विधायक ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि विधानसभा परिसर में रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए। उन्होंने लोजपा कार्यकर्ताओं की बयानबाजी को निराधार बताते हुए कहा कि उनकी मंशा कभी भी अपमान करने की नहीं थी, बल्कि वह पासवान जी की विरासत को उचित स्थान दिलाने के पक्षधर हैं।