Ramadan 2026 : रमजान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है. इसे लेकर इबादत, सब्र और रहमत का माहौल है. रमजान आत्म शुद्धि दान और भाईचारे का संदेश देने वाला पवित्र महीना है. इस मुबारक महीने में रोजे दार सूर्य उदय से सूर्यास्त तक रोजा रखकर आत्म संयम, त्याग और अनुशासन का पालन करते हैं. आईए जानते हैं रमजान के दौरान क्या करें और किन बातों से परहेज करना चाहिए.

रोजा रखने की शुरुआत सूर्य निकलने से पहले होती है. जिसे सेहरी कहा जाता है. हालांकि केवल भूख और प्यासा रहना रोजा नहीं होता. रोजा से जुड़े कुछ खास नियम होते हैं, जिनके अनदेखी करने पर रोजा टूट जाता है. ऐसे में यह करना जरूरी है कि रोजा ना टूटे. अगर किसी कारणवश रोजा टूट जाए तो उसका का मुआवजा अदा किया जाता है.

जानबूझकर खाना पीना

अगर कोई रोजेदार जानते हुए भी कुछ खा पी लेता है तो उसका रोजा टूट जाता है. रमजान के बाद उसे रोज की. कजा करना जरूरी होता है हालांकि अगर कोई भूल से या गलती से कुछ खा पी ले तो उसका रोजा नहीं टूटेगा.

उल्टी करना

अगर किसी रोजगार को खुत्बा खुद उल्टी हो जाए तो उसका रोजा सही रहेगा, लेकिन अगर कोई जानबूझकर उल्टी करता है तो उसका रोजा टूट जाएगा और उसे रोज की कजा करनी पड़ेगी.

हैज या निफाज का खून आना

अगर किसी औरत को रोजे की हालत में हेज (मासिक धर्म) या निफाज ( बच्चों के जन्म के बाद आने वाला खून) शुरू हो जाए तो उसका रोजा सही नहीं रहेगा टूट जाएगा उसे उसे दिन रोज की काज करने होगी.

मनी निकलना

अगर कोई व्यक्ति अपनी शर्मगाह से किसी भी तरीके से वीर्य निकलता है तो उसका रोजा टूट जाएगा. उसे पर काजा भी होगा. बहुत से नौजवान मास्टरबेशन जैसे अमल से लिफ्ट रहते हैं. जिससे हराम करार दिया गया है. इस्लाम में निकाह के बाद बीवी से हम बिस्तर के अलावा किसी तरह से वीर्य निकालना या सेक्सुअल होने को हराम बताया गया है.

मन में रोजा तोड़ने की नीयत लाना

यदि किसी रोजेदार ने मन में यह सोच लिया कि मैं रोज तोड़ दूं लेकिन उसने कुछ भी खाया पिया नहीं. जिससे रोजा टूटता है तब भी उसका रोजा टूट जाएगा. इसकी वजह है यह है कि नीयत रोजे का बुनियादी स्तंभ है. जब किसी ने नीयत ही तोड़ दी तो रोजा लाजमी तौर पर टूट जाएगा.