रायपुर. राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित नर्मदाकुंड धाम इन दिनों भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा हुआ है. यहां पांच दिवसीय रामकथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन शामिल होकर धर्मलाभ ले रहे हैं. इस आयोजन के मुख्य जजमान एवं आयोजक पवन खंडेलवाल और विशाल खंडेलवाल हैं.


नर्मदाकुंड धाम को अत्यंत पावन स्थल माना जाता है. मान्यता है कि यह स्थान मां नर्मदा और भगवान हनुमान की तपोस्थली रहा है. इसी कारण यह स्थल सनातन संस्कृति, आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक बन चुका है. यहां आयोजित रामकथा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि समाज को संस्कारों और मूल्यों से जोड़ने का भी कार्य कर रही है.
उपमुख्यमंत्री शर्मा और मंत्री खुशवंत साहब ने लिया आशीर्वाद
रामकथा के चौथे दिन छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और मंत्री खुशवंत साहब विशेष रूप से नर्मदाकुंड धाम पहुंचे. उन्होंने तिरुपति हाथी राम मठ के संत चक्रवर्ती सम्राट श्री अर्जुन दास महाराज से आशीर्वाद लिया और कथा में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव लिया. इस अवसर पर संत श्री अर्जुन दास महाराज ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि धार्मिक न्यास की जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संत समाज की एक इंच जमीन भी किसी को कब्जा करने नहीं दी जाएगी.
कार्यक्रम के दौरान आयोजक पवन खंडेलवाल और विशाल खंडेलवाल ने उपमुख्यमंत्री को नर्मदाकुंड धाम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जानकारी विस्तार से दी. उन्होंने बताया कि जब रायपुर में भीषण अकाल की स्थिति उत्पन्न हुई थी, तब नर्मदाकुंड लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हुआ था और यहां का जल संकट के समय सहारा बना था.
पूरे आयोजन में भक्ति, संस्कृति और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. नर्मदाकुंड धाम में चल रही यह रामकथा न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है.
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