पटना। ​केंद्रीय राज्य मंत्री और आरपीआई (ए) के प्रमुख रामदास अठावले ने सोमवार को पटना के विद्यापति भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बिहार और महाराष्ट्र के आगामी राज्यसभा चुनावों सहित धार्मिक ट्रस्टों के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण बयान दिए।

​महाबोधि मंदिर ट्रस्ट पर अठावले का रुख

​अठावले ने बोधगया स्थित प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के प्रबंधन को लेकर अपनी पुरानी मांग फिर से दोहराई। उन्होंने तर्क दिया कि मंदिर के संचालन ट्रस्ट में केवल बौद्ध समुदाय के प्रतिनिधियों को ही शामिल किया जाना चाहिए। अठावले ने कहा, यदि हिंदू मंदिरों का प्रबंधन हिंदुओं के पास है, तो बौद्ध मंदिरों का नेतृत्व भी बौद्धों के ही हाथ में होना चाहिए। ट्रस्ट में अन्य धर्मों के लोगों का हस्तक्षेप सही नहीं है।

​बिहार और महाराष्ट्र में NDA की जीत का गणित

​बिहार की 5 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर अठावले ने भरोसा जताया कि NDA कम से कम 4 सीटें आसानी से जीतेगी। पांचवीं सीट के लिए उन्होंने वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाने की बात कही। ​वहीं, महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा करते हुए उन्होंने दावा किया कि महायुति (NDA) 7 में से 6 सीटें जीतेगी। उनके अनुसार, भाजपा के खाते में 4 सीटें जाएंगी, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी को 1-1 सीट मिलने की संभावना है। अठावले ने खुद के फिर से उच्च सदन में जाने की उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के साथ उनके संबंध काफी मजबूत हैं।

​यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन की निंदा

​AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए विवादास्पद प्रदर्शन को अठावले ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और देश को शर्मिंदा करते हैं।