कुंदन कुमार/ पटना। ​पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रामकृपाल यादव ने विपक्षी दलों, विशेषकर ममता बनर्जी और राजद नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने महिला आरक्षण बिल से लेकर बंगाल की राजनीतिक स्थिति और बिहार के सियासी घटनाक्रमों पर खुलकर अपनी बात रखी।

​महिला बिल पर प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता

​रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो वादा करते हैं, उसे पूरा करके दिखाते हैं। महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) इसी का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं को सशक्त बनाने का जो संकल्प लिया था, उसे उन्होंने जमीन पर उतारने का काम किया है।

​पश्चिम बंगाल: ‘ममता दी की बौखलाहट का कारण हार का डर’

​पश्चिम बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए यादव ने दावा किया कि इस बार बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा, ममता दीदी जानती हैं कि उनकी जमीन खिसक रही है, इसीलिए वे बौखलाहट में हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग की गतिविधियों को सही ठहराए जाने के बावजूद ममता बनर्जी संवैधानिक संस्थाओं पर अनर्गल बयानबाजी कर रही हैं।

​राजद और तेजस्वी यादव पर पलटवार

​जब उनसे राजद के आरोपों के बारे में पूछा गया कि वे अपनी पुरानी पार्टी से अलग होकर अब तेजस्वी यादव को पहचानने से इनकार कर रहे हैं तो उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा देश जानता है कि वे पहले राजद में थे। हालांकि, उन्होंने तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर तेजस्वी जिस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं, वह किसी भी तरह से उचित नहीं है। राजनीति में मर्यादा का पालन होना चाहिए, जिसका अभाव राजद के बयानों में दिखता है।