उमेश यादव, सागर/बंडा। मध्य प्रदेश के सागर में खेत में लगी लकड़ी के परिवहन की अनुमति (ट्रांसपोर्ट परमिशन) के नाम पर रिश्वत मांगना एक वन अधिकारी और कर्मचारी को भारी पड़ गया। लोकायुक्त टीम ने बंडा वन परिक्षेत्र कार्यालय में पदस्थ रेंजर और क्लर्क (बाबू) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान विजय सिंह राजपूत के खेत में लगी लकड़ी के परिवहन के लिए उन्हें वन विभाग से अनुमति लेनी थी। इसके लिए उन्होंने बंडा वन परिक्षेत्र कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप है कि वहां पदस्थ क्लर्क जयप्रकाश तिवारी द्वारा लगातार उनसे पैसों की मांग की जा रही थी।

बताया जा रहा है कि किसान पहले ही 40 हजार रुपए दे चुका था, लेकिन इसके बाद भी रेंजर विकास सेठ द्वारा अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही। कुल मिलाकर एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। लगातार हो रही मांग से परेशान किसान ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। तय योजना के तहत किसान को शेष 50 हजार रुपए लेकर कार्यालय भेजा गया।

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जैसे ही रेंजर ने रिश्वत की राशि ली, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर रेंजर विकास सेठ और क्लर्क जयप्रकाश तिवारी को रंगे हाथ पकड़ लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

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