राजस्थान को जहां अपनी अनोखी संस्कृति, रहन-सहन, खानपान, इतिहास के लिए जाना जाता हैं, वहीं इसे विभिन्न क्षेत्र के पर्यटन के लिए भी जाना जाता हैं. देशी-विदेशी पर्यटकों की पसंदीदा जगहों की बात करें तो उसमें राजस्थान का रणथंभौर भी आता हैं, जहां आप प्रकृति से संबंधित बहुत सुंदर सुंदर दृश्यों का आनंद ले सकते हैं. रणथंभौर रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए जाना जाता है. यहां पर आपको गणेश मंदिर से लेकर किलों तक कई बेहतरीन जगहें देखने को मिलेंगी, जो आपको कभी ना भूलने वाली यादे देंगी. यदि आप रणथंभौर घूमने निकले हैं तो यह यात्रा आपके लिए बहुत ही रोमांचक साबित होने वाली है. हम आपको आज रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान की घूमने लायक जगहों की जानकारी देने जा रहे हैं जो आपके काम आएगी.

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव उत्साही और प्रकृति प्रेमियों के बीच रणथंभौर में घूमने के लिए सबसे ज्यादा घूमे जाने वाले पर्यटन स्थलों में से एक है. टाइगर देखने के लिए रणथंभौर टाइगर रिजर्व सबसे अच्छी जगह है. पर्यटक यहां आकर इस उद्यान की खूबसूरती को देखने के लिए जंगल सफारी करते हैं और ढेर सारी तस्वीरें खींचते हैं, वैसे ये जगह वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर के बीच भी बेहद लोकप्रिय है. इन सबके अलावा आप यहां हर-भरे जंगलों के बीच गाइड की निगरानी में सैर भी कर सकते हैं. Read More – Live Concert में Sonu Nigam के साथ हुई हाथापाई, MLA के बेटे के खिलाफ केस दर्ज, सिंगर ने खुद बताया पूरा वाकया …

जोगी महल

रणथंभौर के सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक जोगी महल यह महल पद्म झील के ठीक बगल में स्थित है. ऐसा माना जाता है कि प्राचीन काल में जयपुर राजघराने के राजा महाराजा यहां शिकार खेलने आते थे. उसके बाद यह महल पर्यटकों के रुकने का स्थान बना और वर्तमान में यह राजस्थानी वास्तुकला का एक अच्छा उदाहरण है. इस महल में स्थित एक बहुत विशाल बरगद का पेड़ है, जो कि देश के सबसे पुराने और बड़े बरगद के पेड़ों में से एक है. जोगी महल के बाहर झील और हरी भरी हरियाली आप का मन मोह लेगी.

रणथम्भौर का किला

सवाई माधोपुर के पास रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के समीप स्थित रणथंभौर का किला पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है. पुराने समय में राजा महाराजा यहां के आसपास के क्षेत्र में शिकार किया करते थे. इसीलिए यहां के आसपास के क्षेत्र में जीव जंतुओं की कई प्रजातियां देखी जा सकती है. यह किला अत्यंत प्राचीन और अद्भुत है. रणथंभौर टूरिज्म की लिस्ट में सबसे ऊपर इसी किले का नाम आता है. भगवान गणेश का त्रिनेत्र मंदिर भी इसी किले में स्थापित है. विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के कारण भी इसका महत्व है. यहां किले के आसपास विभिन्न प्रकार की घाटियां भी है, आप इसे एक पिकनिक स्पॉट के रूप में भी देख सकते हैं.

त्रिनेत्र गणेश मंदिर

रणथंभौर के खूबसूरत किले के भीतर स्थापित गणेश भगवान का मंदिर, जिसमें भगवान गणेश की तीन नेत्रों वाली प्रतिमा उनके पूरे परिवार के साथ स्थापित है. ऐसी मान्यता है कि जब राजा हमीर युद्ध संबंधी और खाद्यान्न संबंधी समस्याओं से घिरे हुए थे तब एक रात भगवान गणेश ने उनके सपने में आकर उन्हें समस्याएं खत्म होने का आश्वासन दिया था. इसके साथ ही अगली सुबह युद्ध समाप्त हो गया और खाद्यान्न की समस्या भी खत्म हो गई. इसी के कारण राजा हमीर ने रणथंभौर के किले में भगवान गणेश का यह मंदिर बनवाया. यह मंदिर सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है.

पदम झील

पदम झील रणथंभौर वन्यजीव अभ्यारण्य की सबसे बड़ी झील है. यह खूबसूरत झील रिजर्व में जानवरों के लिए पानी का मुख्य स्रोत है. झील के आसपास की सुंदरता आपको यकीनन मंत्रमुग्ध कर देगी. पदम झील का दौरा किए बिना आपकी इस जगह की यात्रा अधूरी ही रह जाएगी. इसे रणथंभौर में देखने के लिए सबसे बेहतरीन स्थानों में गिना जाता है. Read More – SIP Calculator News : कैसे काम करता है Mutual Fund SIP कैलकुलेटर, जान लीजिए फॉर्मूले की डीटेल …

राजीव गांधी क्षेत्रीय संग्रहालय

राजीव गांधी राष्ट्रीय संग्रहालय या प्राकृतिक इतिहास का क्षेत्रीय संग्रहालय, भारत का प्राकृतिक इतिहास का चौथा क्षेत्रीय संग्रहालय है और इसे रणथंभौर में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक कहा जाता है. संग्रहालय में भारत के पश्चिमी भाग के दुर्लभ पौधों, जानवरों और भूविज्ञान की प्रदर्शनी लगी हुई है. इस संग्रहालय का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना है. संग्रहालय में तीन मंजिलें हैं लेकिन पर्यटकों की पहुंच केवल ग्राउंड फ्लोर तक है. जहां ‘राजस्थान की जैव विविधता या राजस्थान के वन और वन्यजीव’ की मुख्य रूप से प्रदर्शनी लगी हुई है.

सुरवाल झील

अगर आप राजस्थान में कुछ वक्त प्रकृति के करीब रहकर सिर्फ और सिर्फ खुद के साथ बिताना चाहती हैं, तो आपको सुरवाल झील में जरूर जाना चाहिए. यह रणथंभौर में घूमने के लिए सुरवाल झील सबसे अच्छी जगहों में से एक है. वैसे तो आप यहां पर कभी भी जा सकती हैं, लेकिन ठंड के मौसम में नवम्बर से मार्च के बीच यहां घूमना सबसे अच्छा माना जाता है. दरअसल, सर्दियों के दौरान यह झील विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का बसेरा बन जाती है. जिससे आपको यहां एक अद्भुत नजारा देखने को मिलता है.

काचिदा घाटी

रणथंभौर में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में, काचिदा घाटी पर्यटकों के घूमने की सूची में सबसे ऊपर आती है. ये बेहद ही शांत घाटी है, जहां पहाड़ आपको बेहद नीचे दिखेंगे. यह पार्क के बाहरी इलाके में स्थित है और हरे भरे जंगलों के बीच स्थित है. आप जीप से वहां पहुंचकर घाटी को करीब से देख सकते हैं. बाघों का शिकार होने से बचने के लिए पैंथर गहरे जंगलों में जाने से बचते हैं. पैंथर यहां पाई जाने वाली प्रमुख पशु प्रजाति है. यहां आप भालुओं की एक बड़ी आबादी भी देख सकते हैं. इसके अलावा, घाटी अपनी संपूर्ण जलवायु की उपस्थिति के कारण अनदेखी वनस्पतियों और जीवों के लिए भी जानी जाती है. साथ ही आस-पास की झीलें जगह की सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं.