सोहराब आलम/ मोतिहारी। बिहार के रक्सौल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के पंडाल में प्रवेश करते ही भीड़ अनियंत्रित हो गई। भक्तों का उत्साह इस कदर था कि उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा लोहे का गेट तक उखाड़ दिया।
लाठीचार्ज और भगदड़ की स्थिति
जैसे ही महाराजी ने प्रवेश किया, उनके साथ अंदर घुसने की होड़ में हजारों श्रद्धालु एक साथ गेट पर टूट पड़े। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को बिगड़ता देख और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पंडाल के बाहर भगदड़ मच गई। इस दौरान गिरने और दबने से कई महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।
बिछड़े मासूम, मांओं का बुरा हाल
अराजकता के बीच दो मासूम बच्चे अपनी मां से बिछड़ गए। अपने बच्चों को भीड़ में खो देने के बाद उनकी मांओं का रो-रोकर बुरा हाल था। वे चीख-चीखकर मदद की गुहार लगाती रहीं। हालांकि, स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बच्चों की तलाश जारी है।
नाकाफी प्रबंधन और व्यवस्था पर सवाल
प्रशासन और आयोजकों की तैयारी उमड़ी हुई भीड़ के सामने बौनी साबित हुई। आलम यह था कि पंडाल पूरी तरह भर चुका था और जगह न मिलने के कारण श्रद्धालु पास खड़े ट्रकों की छतों पर चढ़कर कथा सुनने को मजबूर दिखे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते भीड़ का सही आकलन कर बैरिकेडिंग की जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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