दिल्ली की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत RBI दिल्ली सरकार के लिए बैंकर, ऋण प्रबंधक और वित्तीय एजेंट की भूमिका निभाएगा। इससे राज्य विकास ऋण (State Development Loans) के माध्यम से बाजार से उधारी, अतिरिक्त नकदी का स्वचालित निवेश, पेशेवर कैश मैनेजमेंट और कम लागत वाली तरलता सुविधाएं सुनिश्चित होंगी, जिससे सरकार की वित्तीय दक्षता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर आरबीआई की ओर से और दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) बिपुल पाठक ने दस्तखत किए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस एमओयू को दिल्ली के सार्वजनिक वित्तीय ढांचे के लिए एक परिवर्तनकारी उपलब्धि और दीर्घकालिक सुधार करार दिया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली लंबे समय तक आरबीआई की बैंकिंग व्यवस्था और बाजार के माध्यम से पारदर्शी उधारी जैसी सुविधाओं से वंचित रही, जिसे यह समझौता समाप्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने न तो अतिरिक्त सार्वजनिक धन का समुचित निवेश किया और न ही किफायती उधारी के विकल्पों को अपनाया। इसके चलते सरकार की अतिरिक्त नकदी बिना निवेश के पड़ी रही, जिससे ब्याज आय का नुकसान हुआ, जबकि उधारी ऊंची ब्याज दरों पर की गई। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय कुप्रबंधन का बोझ अंततः जनता पर पड़ा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था के तहत दिल्ली सरकार का हर एक रुपया जनता के हित में काम करेगा। उन्होंने बताया कि यह व्यापक वित्तीय सुधार केंद्र सरकार के साथ निरंतर संवाद और समन्वय का परिणाम है, जिसका उद्देश्य राजधानी की वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी, दक्ष और दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना है।

MOU के अंतर्गत प्रमुख वित्तीय परिवर्तन

अतिरिक्त नकदी का स्वचालित निवेश

दिल्ली सरकार के पास उपलब्ध अतिरिक्त नकदी का प्रतिदिन भारतीय रिज़र्व बैंक के माध्यम से स्वचालित निवेश किया जाएगा, जिससे ब्याज आय सुनिश्चित होगी और सरकारी संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सकेगा।

RBI से कम लागत वाली तरलता सुविधा

दिल्ली सरकार को अब भारतीय रिज़र्व बैंक से वेज़ एंड मीन्स एडवांस (WMA) और स्पेशल ड्रॉइंग फैसिलिटी (SDF) के माध्यम से कम ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण उपलब्ध होगा, जिससे नकदी प्रवाह का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

कम ब्याज दर पर बाजार से उधारी

पहली बार दिल्ली सरकार खुले बाजार से लगभग 7 प्रतिशत की प्रतिस्पर्धी ब्याज दर पर उधारी कर सकेगी। इससे पूर्व में लगभग 13 प्रतिशत की ऊंची ब्याज दर पर ली जाने वाली उधारी से मुक्ति मिलेगी और ब्याज व्यय में उल्लेखनीय कमी आएगी।

बैंकिंग प्रणाली से पूर्ण एकीकरण

इस एमओयू के साथ दिल्ली अब अन्य राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों की तरह भारतीय रिज़र्व बैंक की पेशेवर बैंकिंग, ऋण प्रबंधन और वित्तीय एजेंसी सेवाओं का पूर्ण लाभ उठा सकेगी।

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