टुकेश्वर लोधी, आरंग | रायपुर जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुजरा में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर पंचायत की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है. सरपंच बिंदू बंजारे की कार्यप्रणाली से नाराज उपसरपंच और पंचों ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है. पंचों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) अभिलाषा पैकरा को ज्ञापन सौंपकर सरपंच के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने की आधिकारिक मांग की है.

“सरपंच नहीं, भाई चला रहा है पंचायत”
पंचों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में लगाए गए आरोप चौंकाने वाले हैं. पंचों का कहना है कि पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता नाम की कोई चीज नहीं बची है. उन्होंने सरपंच पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच का भाई, जो गांव का निवासी भी नहीं है, हर आधिकारिक बैठक में मौजूद रहता है. पंचायत के महत्वपूर्ण निर्णय सरपंच के बजाय उनके भाई द्वारा ही लिए जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच स्थायी रूप से अपने मायके (बेमचा, महासमुंद) में रहती हैं. सरपंच की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीणों को जाति, निवास और राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए दर-दर भटकना पड़ता है.
फर्जी आहरण और भ्रष्टाचार के संगीन आरोप
पंचों ने भ्रष्टाचार के कुछ ठोस उदाहरण भी एसडीएम के सामने रखे हैं:
- समतलीकरण में गोपनीयता: स्कूल प्ले ग्राउंड के लिए स्वीकृत ₹6,00,000 के कार्य की जानकारी पंचों से छिपाई गई और पूछने पर गोलमोल जवाब दिया गया.
- पानी टैंकर का फर्जीवाड़ा: शिकायत के अनुसार, गांव में कभी पानी सप्लाई नहीं हुई, फिर भी अक्टूबर 2025 में टैंकर के नाम पर ₹40,000 से अधिक की राशि निकाल ली गई.
- पुरानी मशीन, नया बिल: पुराने मोटर पंप को नया बताकर ₹32,000 के आहरण का भी संदेह जताया गया है.
सचिव के साथ मिलीभगत और बदसलूकी
पंचों ने सरपंच और सचिव की साठगांठ पर भी सवाल उठाए हैं. आरोप है कि बैठकों में पंचों से कोरे पन्नों पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं और प्रस्ताव बाद में घर बैठकर लिखे जाते हैं. जब पंचों ने पंचायत की पासबुक देखने की मांग की, तो उन्हें न केवल मना कर दिया गया बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया.
अनुविभागीय अधिकारी (SDM) अभिलाषा पैकरा ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है. पंचायती राज अधिनियम के तहत अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष बैठक बुलाई जाएगी. इस बैठक में होने वाले मतदान से ही तय होगा कि बिंदू बंजारे सरपंच पद पर बनी रहेंगी या नहीं.
देखें अविश्वास प्रस्ताव की कॉपी:



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