मेरठ. सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दिनदहाड़े दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण मामले में सियासत गरमा दी है. बीते दिनों घटना के बाद सरधना विधायक अतुल प्रधान पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया गया था. जिसके बाद मौके पर भारी हंगामा हुआ और सपा विधायक गांव के ही बाहर धरने पर बैठ गए थे. इस मामले में लगातार नेताओं की प्रतिक्रिया भी आ रही है. इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
मायावती ने एक्स पर लिखा है कि ‘यूपी में मेरठ के सरधना क्षेत्र में ही पिछड़े वर्ग से कश्यप समाज के एक युवक को जलाकर मार देने की अति क्रूर और शर्मनाक घटना की जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है. ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन और प्रशासन दोनों स्तर पर अनवरत उचित सजगता और सक्रियता आवश्यक. ऐसे असामाजिक और आपराधिक तत्वों को क़ानून का डर होना ज़रूरी.’
इसे भी पढ़ें : जमीन नहीं, जी का जंजाल! राह चलते किसान को बदमाशों ने मारी गोली, तीन राउंड हुई फायरिंग, आरोपी फरार, घायल की हालत नाजुक
क्या है पूरा मामला
बता दें कि मेरठ के कपसाड़ में दिनदहाड़े एक युवक ने दलित युवती रूबी के किडनैप और उसकी मां की नृशंस हत्या कर दी. आरोपी ने दलित महिला सुनीता पर बेरहमी से धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया था. जिंदगी और मौत के बीच करीब 7 घंटे तक जद्दोजहद करने के बाद रूबी की मां सुनीता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
बताया जा रहा है कि सुबह गांव के दबंग पारस राजपूत ने सुनीता के सामने ही उसकी जवान बेटी का अपहरण कर लिया. जब सुनीता ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद गांव में आक्रोश और भय का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें


