Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कांग्रेस ने जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पीसीसी कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान, अमीन कागजी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वैभव गहलोत और महेंद्रजीत सिंह मालवीया भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

ध्वजारोहण के बाद मीडिया से बातचीत में गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि गणतंत्र दिवस कांग्रेस के लिए गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को संविधान दिया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद संविधान को बदलने की कोशिशें लगातार हो रही हैं। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस यह संकल्प लेती है कि संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि वोट के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। डोटासरा ने कहा कि एसआईआर जैसे अभियानों के जरिए मताधिकार को प्रभावित किया जा रहा है और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर केंद्र सरकार का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है।

डोटासरा का आरोप- देश में डर का माहौल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में भय और दबाव का माहौल है। अधिकारों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि जब तक शरीर में खून की आखिरी बूंद रहेगी, तब तक संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। डोटासरा ने कहा कि हमारे पूर्वजों के बलिदान से देश को आजादी और संविधान मिला है, लेकिन आज उसी संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

जूली बोले- संविधान पर हो रहे लगातार हमले

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया के महानतम संविधानों में से एक है, जिसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। इसी संविधान की वजह से देश ने प्रगति की। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने उस दौर में संविधान बनाया, जब देश बुनियादी संसाधनों के लिए संघर्ष कर रहा था, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है और फिर भी संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं।

जूली ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीब और कमजोर वर्गों के अधिकारों पर प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है और आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

शंकराचार्य के मुद्दे पर भी टिप्पणी

टीकाराम जूली ने शंकराचार्य से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जिन मूल्यों और परंपराओं के नाम पर सत्ता हासिल की गई, आज उन्हीं पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और आस्था के नाम पर राजनीति की जा रही है।

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