रायपुर. छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं. RERA चेयरमैन संजय शुक्ला ने कहा है कि रेरा द्वारा 17 बैंकों के साथ साझेदारी की गई है. उन्होंने बताया कि कई प्रमोटर एक ही प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट खोल रहे थे, जिससे अव्यवस्था फैल रही थी. रियल एस्टेट क्षेत्र में धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए बैंकों के साथ मिलकर कुछ अहम फैसले लिए हैं. 

उन्होंने बताया कि अब से जिस उद्देश्य के लिए पैसा जमा होगा, उसे उसी प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किया जाएगा. RERA इस पर नजर रखेगा कि प्रमोटर फंड डायवर्ट न कर सकें. इसके अलावा परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी RERA के माध्यम से होगी.

उन्होंने बताया कि RERA के सामने 2 मुख्य शिकायतें आती हैं:

  1. प्रोजेक्ट में देरी – कई खरीदारों को तय समय पर मकान नहीं मिल पा रहे.
  2. निर्माण की गुणवत्ता – कई परियोजनाओं में निर्माण सामग्री और संरचना को लेकर शिकायतें आ रही हैं.

RERA की सीमा

RERA चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि एक्ट के प्रावधानों के तहत अगर Competent Authority (सक्षम प्राधिकारी) ने रिपोर्ट दे दी है, तो RERA कार्रवाई नहीं कर सकता. इसी तरह, किसी भी बैंक के खिलाफ भी सीधे तौर पर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है. इस फैसले से छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी.