सुप्रीम कोर्ट ने संसद और अन्य सार्वजनिक संस्थानों से विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) की तस्वीरें हटाने की माँग वाली याचिका मंगलवार (13 जनवरी 2025) को खारिज कर दी। कोर्ट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता को फटकार लगाई और इसे ‘फिजूल’ करार दिया है। दरअसल, रिटायर्ड IRS अधिकारी बालासुंदरम बालामुरुगन ने यह PIL दायर की थी जिस पर SC की CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने सुनवाई की।
CJI सूर्यकांत याचिका को देख भड़क गए और कहा, “आप इस तरह की फिजूल याचिकाएँ दाखिल कर रहे हैं, इससे आपकी सोच झलकती है।” इस पर जब याचिकाकर्ता ने कहा कि यह जनहित में दायर की गई है तो CJI और नाराज हो गए। CJI ने कहा, “1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। तब आपको समझ आएगा कि जनहित क्या होता है। आप अदालत का समय बर्बाद कर रहे हैं।” इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जुर्माना देने या याचिका वापस लेने को कहा जिस पर उसने याचिका वापस ले ली।
रिटायरमेंट के बाद इस तरह की चीजों में समय न व्यर्थ करने की सलाह
बार एंड बेंच की खबर के अनुसार, अदालत ने बालामुरुगन से कहा कि नौकरी से रिटायरमेंट के बाद इस तरह की चीजों में समय और पैसा गंवाने बजाए उनको समाज के लिए कुछ सार्थक योगदान देने के लिए प्रयास करना चाहिए। बालामुरुगन ने अपनी याचिका में भारत के संसद के केंद्रीय हॉल और अन्य सरकारी बिल्डिंगों सहित सार्वजनिक स्थानों से सावरकर की फोटो को हटाने के निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में यह भी मांग की गई थी कि सरकार को ऐसे किसी भी व्यक्ति को सम्मानित करने से रोका जाए, जिस पर हत्या या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों जैसे जघन्य अपराधों के लिए आरोप पत्र दायर किया गया हो और जिसे सम्मानजनक रूप से बरी नहीं किया गया हो।
सीजेआई की सख्त टिप्पणी
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने याचिका पर सुनवाई के दौरान सबसे पहले बालामुरुगन के करियर पर सवाल उठाए, उनकी सेवानिवृत्ति से पहले की आखिरी पोस्टिंग और उन्हें पदोन्नति न दिए जाने की परिस्थितियों पर प्रश्नचिह्न लगाए। मुख्य न्यायाधीश कांत ने पूछा कि क्या उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। बालामुरुगन ने जवाब दिया कि उन पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं हैं। उन्होंने बताना शुरू किया कि 2009 में ‘श्रीलंका में शांति’ के लिए भूख हड़ताल करने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई थी। इस पर सीजेआई ने कहा कि मुझे लगता है कि इस तरह की बेबुनियाद याचिकाएं आपकी मानसिकता को दर्शाती हैं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


