लुधियाना। पंजाब को रंगला पंजाब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में राज्य की नई औद्योगिक नीति (Industrial Policy) का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठक की और स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का उद्देश्य उद्योगपतियों के साथ मिलकर काम करना है, न कि किसी तरह का हस्तक्षेप करना।

हम पार्टनर हैं, हिस्सेदार नहीं

मुख्यमंत्री मान ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य व्यापार को बढ़ाना और राज्य के युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि हम हिस्सा माँगने या लाल थैली (भ्रष्टाचार) लेने वाले नहीं हैं। आप हमारे पार्टनर हैं।

सीएम ने घोषणा की कि यदि कोई उद्यमी विस्तार करना चाहता है, तो सरकार उन्हें तीन के बजाय पांच यूनिट्स की अनुमति देने के लिए तैयार है, बशर्ते वे पंजाब के युवाओं को अधिक से अधिक नौकरियां दें। कॉमर्स के छात्र रहे सीएम मान ने कहा कि जिस तरह किसान अन्नदाता है, उसी तरह उद्यमी भी हैं क्योंकि उनके कारण ही लाखों घरों के चूल्हे जल रहे हैं।

उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने नई नीति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी नीति देश में कहीं और नहीं है। उन्होंने बताया कि इसे तैयार करने में अभूतपूर्व पारदर्शिता बरती गई है। नीति के ड्राफ्ट पर सुझाव लेने के लिए 24 विशेष कमेटियां बनाई गई थीं। प्राप्त सुझावों में से 77 प्रतिशत को बिना किसी हिचकिचाहट के स्वीकार किया गया। मुख्यमंत्री के उद्योग प्रेम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस महत्वपूर्ण नीति को कैबिनेट ने मात्र 10 मिनट के भीतर मंजूरी दे दी।