कुंदन कुमार, पटना। बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर इन दिनों सियासी माहौल गर्म है। प्रदेश में 5 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में है। इसी क्रम में आज मंगलवार (10 मार्च) को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के विधायकों की एक बैठक बुलाई गई है।

हम लोगों की होगी जीत- भाई वीरेंद्र

बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है कि किस तरीके से एक सीट पर राजद की तरफ से जो (अजय धारी सिंह ) उम्मीदवार है, उन्हें जिताया जाए। इस पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि, हम लोग रणनीति बनाने के लिए बैठक बुलाया है। सभी लोग एकजुट हैं। हमारे पास संख्या भी है। हम लोग लोग एकजुट हैं। हम लोग जीतेंगे। कोई इधर-उधर नहीं है।

वहीं, जब उनसे यह पूछा गया कि निर्विरोध चुनाव के बजाय मतदान की नौबत क्यों आई? 5 सीट पर 6 लोगों ने नामांकन किया है। इसके जवाब में राजद विधायक ने कहा कि, आज देश की दिशा और राज्यों की सत्ता तय करने वाले लोग ‘जिंदा चमड़े के सप्लायर’ बन गए हैं। जब सत्ता के गलियारों में ऐसे लोग सक्रिय होंगे, तो चुनाव की ऐसी ही चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा होगी।

41 विधायकों का समर्थन जरूरी

बता दें कि राज्य में 5 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, शिवेश कुमार, जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर मैदान में हैं। वहीं, एक सीट पर एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि राजद से अजय धारी सिंह मैदान में हैं।

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 41 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में एनडीए को चार सीटें आसानी से मिलती दिख रही हैं, जबकि महागठबंधन के पास सिर्फ 35 विधायक होने से उसकी राह मुश्किल नजर आ रही है। ऐसे में यदि महागठबंधन का समर्थन AIMIM करती है, तो राज्यसभा की एक सीट उसके खाते में आ सकती है। हालांकि इस बीच आरजेडी के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने इस बैठक से दूरी बना ली है।

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