कुंदन कुमार, पटना। बिहार में बीते कुछ दिनों से शराबबंदी का मुद्दा छाया हुआ है। एनडीए के कुछ नेताओं ने भी शराबबंदी की समीक्षा किए जाने की मांग उठाई है। वहीं, अब राजद एमएलसी सुनील सिंह ने शराबबंदी को फेल बताते हुए एक बड़ा दावा किया है। आज बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील सिंह ने चुनौती देते हुए यह कहा है कि, बिहार में किसी भी योजना की कल्पना बिना भ्रष्टाचार के नहीं की जा सकती।
इतना ही नहीं शराबंदी पर नीतीश सरकार को घेरते हुए राजद एमएलसी ने विवादित और आक्रामक बयान दे दिया। सुनील सिंह ने कहा कि, अगर किसी को प्रमाण चाहिए, तो 27 फरवरी को सदन के अंतिम दिन मैं इसी सदन के प्रांगण में शराब की डिलीवरी कराकर दिखा सकता हूं। उन्होंने दावा किया कि, 2016 में शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार में शराब की खपत कम होने के बजाय कई गुना बढ़ गई है और अब शराब से ज्यादा ‘सूखा नशा’ युवाओं को बर्बाद कर रहा है।
राजद एमएलसी ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कई महत्वपूर्ण योजनाओं में भी भारी भरकम भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, बिहार में हर योजना में जैसे ‘नल-जल योजना’, सड़क निर्माण और पुल-पुलिया के कार्यों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। इसकी सच्चाई ज्यादा समय तक छुपाई नहीं जा सकती। उन्होंने कहा कि, जिस तरह शराब की होम डिलीवरी हो रही है, उसी तरह योजनाओं में कमीशन और भ्रष्टाचार का खेल भी खुलेआम चल रहा है।
राजद एमएलसी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाज सुधारक की छवि पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, कुछ लोग चाहते हैं कि शराबबंदी और दहेज प्रथा के खिलाफ कानून बनाकर उन्हें ‘राजा राम मोहन राय’ की तरह याद किया जाए, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी बिना दहेज के शादियां नहीं हो रही हैं।
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