कुंदन कुमार, पटना. दोनों सदनों में वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से बिहार में सियासत का दौर जारी है. राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव एवं एजाज अहमद ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा है.
उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार के क्रियाकलाप और उनकी हरकते बता रही हैं कि वो अचेता अवस्था के प्रकाष्ठा पर पहुंच गए हैं, जिस तरह से बिहार में समानांतर सरकार चल रही है और कहीं न कहीं भाजपा और जदयू के केन्द्रीय मंत्री मिलकर इसका लाभ उठा रहे हैं यह स्पष्ट रूप से दिख रहा है. केन्द्रीय मंत्री और भाजपा के नेता पदाधिकारियों के साथ बैठक करके दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं.
सीएम नीतीश की सेहत को लेकर साधा निशाना
राजद प्रवक्ता ने कहा कि, बिहार का कमजोर तबका पिछड़ा, अति पिछड़ा टकटकी लगाकर इनकी इस हरकतों को देख रहा है. लोगों में सरकार के प्रति काफी गुस्सा है, जिसको सरकार चलाने की जिम्मेदारी मिली हुई है. वह मूकदर्शक बने हुए हैं और जिनको जिम्मेदारी नहीं है, वो अपनी भूमिका दिखा रहे हैं. राज्य के अन्दर अराजकता की स्थिति है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा की गई उस टिप्पणी से कहा जा सकता है कि बिहार में सरकार कैसे चल रही है, उनके मुखिया को ही नहीं पता होता है कि क्या हो रहा है?
नीतीश कुमार का चेहरा कभी सेक्युलर रहा ही नहीं
राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि, नीतीश कुमार का सेक्युलर चेहरा कभी रहा ही नहीं है, वो सत्ता और स्वार्थ के लिए किसी हद तक समझौता कर लेते हैं. जिस तरह से वक्फ संशोधन विधेयक पर भाजपा के विचारों के साथ जदयू खड़ी हो गई इससे स्पष्ट होता है कि उनको हमेशा भाजपा को खुश करने की नीयत रही है और उसी के तहत वक्फ संशोधन विधेयक को जदयू ने समर्थन दिया है. इस तरह के समर्थन के बाद जदयू के अन्दर जो बेचैनी और विद्रोह की स्थिति है, उसे ये चाह कर भी रोक नहीं पायेंगे. क्योंकि ज्वालामुखी की तरह लोगों का गुस्सा सामने आ रहा है और यह गुस्सा एक बड़े विस्फोट के रूप में लोगों को देखने को मिलेगा.
वक्फ बिल के खिलाफ जाएंगे कोर्ट
उन्होंने कहा कि, राष्ट्रीय जनता दल वक्फ संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में विरोध तो किया ही अब इस मामले में लीगल प्लेटफार्म पर भी हम लोग जायेंगे और इसको किसी भी हालात में लागू नहीं होने देंगे. क्योंकि यह देश के संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है और एक वर्ग को निशाने पर रखकर बनाया गया बिल है. यह स्पष्ट रूप से दिखता है.
5 लोग चला रहे हैं पार्टी और सरकार
शक्ति सिंह यादव ने आगे कहा कि, तारणी दास के मामले पर सरकार के लोग चुप्पी साधे हुए हैं, नीतीश के लिए जो आईएएस अधिकारी काम करते थे, वो भी छापे के बाद ईडी के रडार पर आ गये हैं. जदयू को अब समाजवादी विचारधारा से अब कोई मतलब नहीं रह गया है. पांच लोग पार्टी और सरकार दोनों चला रहे हैं. जिनमें संजय झा, ललन सिंह, विजय चौधरी, अशोक चौधरी और डी.के. बॉस की महती भूमिका नजर आ रही है.
उन्होंने आगे कहा कि, बिहार में एक लाख करोड़ से ज्यादा का भ्रष्टाचार हुआ है. बिहार में टेंडर का खेल चल रहा है और डी.के. बॉस के माध्यम से सारे भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है. सम्राट चौधरी नीतीश जी को रद्दी का माल कहते थे और आज नीतीश जी की स्थिति भाजपा ने रद्दी के माल वाले हालात में पहुंचा दी है. बिहार के खजाने लूट रहे हैं लेकिन इस पर कोई रोक लगाने की दिशा में कार्य नहीं हो रहे हैं, बल्कि जो शासन डी.के. बॉस के माध्यम से चल रहा है उसमें भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है. कहीं भी सरकारी कार्यों में पारदर्शिता नहीं है.
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