NEET Student Rape Death: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत और दुष्कर्म के आरोपों ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। पूरे मामले में अब सियासत भी तेज हो चुकी है। विपक्ष सरकार को लगातार घेर रहा है। इसी क्रम में लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सरकार पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए अस्पताल और हास्टल संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
रोहिणी आचार्य की एक्स पोस्ट
रोहिणी आचार्य ने अखबार में छपी एक खबर को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि- पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में बलात्कार की शिकार हुई युवती के इलाज के दौरान पटना के प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल व वहां के डॉक्टरों के द्वारा युवती के शरीर पर मौजूद दर्जनों जख्मों के निशानों को जान-बूझकर अनदेखा करना, उन्हें छुपाने-दबाने की हरसंभव कोशिश करना , मामले के बारे में बिना पुलिस – प्रशासन को इत्तला किए युवती को हॉस्पिटल में भर्ती कर इलाज करना , परिजनों को सच्चाई से अवगत नहीं कराना, साक्ष्यों के साथ आपराधिक छेड़-छाड़ करना और युवती के साथ हुए बलात्कार की बात को नकारना-झुठलाना प्रथदृष्टया ही संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
रोहिणी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा- मृतक युवती के परिजनों के द्वारा भी हॉस्पिटल की संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाते हुए, हॉस्पिटल प्रबंधन और इलाज करने वाले डॉक्टर पर सीधा आरोप लगाया गया है। परिजनों के आरोपों व् हॉस्पिटल के द्वारा बरती गई लापरवाही के संदर्भ में उजागर तथ्यपूर्ण जानकारी को आधार बना कर हॉस्पिटल व् इलाज करने वाले डॉक्टर के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई एवं जांच की प्रक्रिया के पूरे होने तक हॉस्पिटल को सील किए जाने की आवश्यकता है।
मामले की गंभीरता के मद्देनजर माननीय मुख्यमंत्री जी से मेरी अपील है कि वो इस मामले की मॉनिटरिंग स्वयं करें और अपने मातहत अधिकारियों को जाँच की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने का निर्देश देते हुए त्वरित न्याय मिलना सुनिश्चित करें।
क्या कहती है छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट
नीट छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट के निशान और ब्लीडिंग पाई गई है। इसके अलावा गाल, गर्दन, माथा, भौंह, कंधे, बांह और कलाई पर नाखून से नोचने के कई निशान मिले हैं। शरीर पर गहरे नीले-हरे रंग की चोटें भी दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रा के साथ जबरदस्ती की गई और वह खुद को बचाने की कोशिश करती रही। हालांकि मौत के स्पष्ट कारण का उल्लेख नहीं है, लेकिन सेक्सुअल असॉल्ट से इनकार नहीं किया गया है। एम्स के डॉक्टरों ने पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अस्पष्ट बताया है। उनका कहना है कि सेक्सुअल असॉल्ट से इनकार नहीं किया जा सकता यह अपने आप में यह साबित नहीं करता कि रेप हुआ है या नहीं।
11 जनवरी की देर शाम नीट छात्रा अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। हॉस्टल स्टाफ उसे तत्काल हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार नहीं होने पर उसे मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि यहां पर छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद से यह पूरा मामला आग की तरह फैल गया। परिजनों ने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म किए जाने के बाद हत्या का आरोप लगाया है।
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