कुंदन कुमार/पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान और फैसलों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का एक और भावुक बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर पार्टी की विरासत, पहचान और अपनों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

विरासत को नुकसान पहुंचाने वालों पर तंज
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा कि किसी बड़ी विरासत को खत्म करने के लिए बाहरी लोगों की जरूरत नहीं होती। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि अपने ही लोग और कुछ नए बने अपने षड्यंत्र के तहत वर्षो की मेहनत से खड़ी की गई विरासत को कमजोर कर सकते हैं। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
पहचान और वजूद पर सवाल
अपने बयान में रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि सबसे ज्यादा हैरानी तब होती है, जब जिन वजहों से किसी की पहचान और अस्तित्व बना होता है, उसी को मिटाने की कोशिश अपने ही लोग करने लगते हैं। यह बयान सीधे तौर पर पार्टी के मूल विचारों और संघर्ष से दूरी बनाए जाने की ओर संकेत करता है।
विवेक और अहंकार को लेकर चेतावनी
पोस्ट के अंत में रोहिणी आचार्य ने चेतावनी भरे शब्दों में लिखा कि जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है और अहंकार हावी हो जाता है, तब विनाशकारी सोच इंसान की बुद्धि और समझ पर कब्जा कर लेती है।
सियासी हलकों में बढ़ी चर्चा
हालांकि रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है, लेकिन उनके शब्दों को आरजेडी की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सियासी गलियारों में इस पोस्ट को बेहद अहम माना जा रहा है और इसे पार्टी के भविष्य से जोड़कर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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