IND vs SA 1st ODI : भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले रांची वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे ही मैदान पर उतरेंगे तो एक बड़ा रिकॉर्ड टूट जाएगा. दोनों दिग्गज मिलकर एक ऐसा रिकॉर्ड बना देंगे, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ. इस नए रिकॉर्ड के दम पर वो सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ का महारिकॉर्ड भी चकनाचूर कर देंगे..

IND vs SA 1st ODI: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाली वनडे सीरीज का मंच तैयार है. 3 मैचों की सीरीज में कई रिकॉर्ड टूटेंगे और बनेंगे. रोहित शर्मा और विराट कोहली की मौजूदगी इस सीरीज का रोमांच बढ़ा रही है. फैंस इसका इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं. पहला मुकाबला 30 नवंबर को रांची में होगा. इस मैच में एक इतिहास रचा जाना तय है. इस मुकाबले में वो होगा, जो इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हुआ. भारतीय क्रिकेट के दो सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली मिलकर इतिहास लिखने जा रहे हैं. मैदान पर उतरते ही यह दोनों दिग्गज लीजेंड सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ का एक महारिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे. आइए जानते हैं आखिर क्या है ये रिकॉर्ड..

यहां जिस रिकॉर्ड की बात हो रही है वो भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में एक जोड़ी के रूप में सबसे ज्यादा मैच खेलने का कीर्तिमान है. यह यह रिकॉर्ड लंबे समय से सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की महान जोड़ी के पास था, लेकिन अब रोहित-विराट इसके मालिक बनने वाले हैं.

रोहित–कोहली बनाएंगे नया इतिहास

रांची वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे ही मैदान पर उतरेंगे तोवे भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में एक जोड़ी के तौर पर सबसे ज्यादा मैच खेलने का नया रिकॉर्ड बना देंगे. दोनों का यह 292वां मैच होगा. अभी यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की जोड़ी है, जिसने 391 मैचों में साथ खेला है.

भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा जोड़ी के तौर पर मैच खेलने वाले प्लेयर्स

रोहित शर्मा और विराट कोहली- 391 इंटरनेशनल मैच
सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़- 391 इंटरनेशनल मैच
राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली- 369 इंटरनेशनल मैच
सचिन तेंदुलकर और अनिल कुंबले- 367 इंटरनेशनल मैच
सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली- 341 इंटरनेशनल मैच
विराट कोहली और रवींद्र जडेजा- 309 इंटरनेशनल मैच

भारतीय क्रिकेट की सबसे सफल पार्टनरशिप

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एक दशक से अधिक समय में भारतीय क्रिकेट की रीढ़ बनने का काम किया है. दोनों ने न सिर्फ देश के लिए अनगिनत मैच जीते हैं, बल्कि बड़े टूर्नामेंटों में भी टीम को संभालने में अहम भूमिका निभाई है. उनकी साझेदारी का आंकड़ा बताता है कि वे एक ही युग के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी क्यों माने जाते हैं.