जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सदस्य डॉ. संगीता आर्य का इस्तीफा 39 दिन बाद मंगलवार को मंजूर कर लिया गया. राज्यपाल की स्वीकृति के बाद आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट से भी देर रात तक डॉ. संगीता आर्य का नाम और फोटो हटा दिया गया. उन्होंने करीब एक माह पहले सदस्य पद से त्यागपत्र सौंपा था.

डॉ. संगीता आर्य का कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक था, लेकिन कार्यकाल पूरा होने से लगभग एक वर्ष पहले ही उन्होंने पद छोड़ दिया. उनके कार्यकाल के दौरान आरपीएससी की कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आए थे. इन्हीं मामलों की जांच के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उनसे पूछताछ भी की थी. ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा 2022 में अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट बदलवाने के आरोप और सब इंस्पेक्टर भर्ती प्रकरण में हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद आयोग लगातार विवादों में रहा.
गहलोत सरकार में हुई थी नियुक्ति
डॉ. संगीता आर्य को अक्टूबर 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सिफारिश पर आरपीएससी सदस्य नियुक्त किया गया था. इससे पहले वह 2013 में कांग्रेस के टिकट पर सोजत विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुकी हैं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. डॉ. संगीता आर्य पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी हैं.
आयोग की मौजूदा स्थिति
डॉ. संगीता आर्य का नाम हटने के बाद आरपीएससी में अब कुल सात सदस्यों के नाम वेबसाइट पर दर्ज हैं. इनमें बाबूलाल कटारा के नाम के आगे ‘निलंबित’ दर्शाया गया है. नियमों के अनुसार आयोग में कुल 11 सदस्य होने चाहिए, ऐसे में वर्तमान में तीन पद रिक्त हो गए हैं. अब सरकार को इन खाली पदों पर नियुक्ति करनी होगी, ताकि आयोग की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से संचालित हो सके.


