उदयपुर। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RRVUNL) की परसा ईस्ट एवं कांता बासन (PEKB) ओपनकास्ट कोल माइन और परसा ओपनकास्ट कोल माइन ने ‘वार्षिक कोयला खदान सुरक्षा पखवाड़ा-2025’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए हैं. सुरक्षा, संचालन गुणवत्ता, पर्यावरण प्रबंधन और तकनीकी नवाचार के आधार पर आयोजित इस प्रतियोगिता में दोनों खदानों ने अपनी-अपनी श्रेणियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज कीं.

इस वर्ष का पुरस्कार वितरण समारोह SECL के बैकुंठपुर क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें DGMS के महानिदेशक उज्ज्वल ताह, उप महानिदेशक रामावतार मीना, डीएमएस रायगढ़, बिलासपुर, जबलपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के डीडीएमएस (माइनिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल) और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. यह आयोजन DGMS के तत्वावधान में SECL एवं नॉन-SECL कंपनियों के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ.
ग्रुप-F (मेगा प्रोजेक्ट) में PEKB का शानदार प्रदर्शन
परसा ईस्ट एवं कांता बासन (PEKB) खदान ने ग्रुप-F श्रेणी में माइन वर्किंग, डंप मैनेजमेंट एवं रिक्लेमेशन तथा नियर-मिस रिकॉर्ड कीपिंग में प्रथम स्थान हासिल किया. वहीं व्यवस्थित खनन पद्धतियों (SMP) और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के आधार पर किए गए मूल्यांकन में द्वितीय स्थान प्राप्त किया. समग्र (ओवरऑल) श्रेणी में भी खदान ने तृतीय स्थान हासिल किया. इसके साथ ही आउटसोर्सिंग पार्टनर एम/एस करमजीत सिंह लिमिटेड को उत्कृष्ट योगदान के लिए द्वितीय स्थान से सम्मानित किया गया. उल्लेखनीय है कि PEKB खदान पिछले कई वर्षों से DGMS की सुरक्षा प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती आ रही है.
ग्रुप-D में परसा खदान की दमदार शुरुआत
सुरक्षा पखवाड़ा में प्रथम वर्ष में ही RRVUNL की परसा ओपनकास्ट कोल माइन ने ग्रुप-D श्रेणी में माइन वर्किंग तथा डंप मैनेजमेंट एवं रिक्लेमेशन में प्रथम स्थान हासिल किया. इसके अलावा SMP एवं SOP श्रेणी में द्वितीय और समग्र (ओवरऑल) श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त कर खदान ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई.
नेतृत्व और तकनीक का रहा अहम योगदान
दोनों खदानों की इस सफलता का श्रेय CoC–सरगुजा क्लस्टर एवं क्लस्टर हेड मुकेश कुमार के नेतृत्व को दिया जा रहा है. उनके साथ PEKB के साइट हेड विपिन कुमार सिंह और सेफ्टी ऑफिसर गली तरुण ने सुरक्षा प्रक्रियाओं, संचालन मानकों और तकनीकी सुधारों पर विशेष ध्यान देकर टीम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया.
RRVUNL की खदानें वर्ष 2012 से सुरक्षा-प्रथम नीति पर कार्य कर रही हैं. PEKB में डोजर पुश माइनिंग टेक्नोलॉजी, स्लोप स्टेबिलिटी रडार मॉनिटरिंग, नियर-मिस रिकॉर्ड सिस्टम और उन्नत रिक्लेमेशन प्रैक्टिस जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया गया है. इससे न केवल संचालन दक्षता बढ़ी है, बल्कि सुरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
क्लस्टर हेड मुकेश कुमार ने कहा कि यह उपलब्धियां टीम की मेहनत, अनुशासन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सोच का परिणाम हैं. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी RRVUNL सुरक्षित, जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल खनन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.
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