कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर के लांबा स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यालय मधुकर निकेतन में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित गणमान्य नागरिकों और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए नागरिक कर्तव्यों के पालन पर विशेष बल दिया।

संविधान ही हमारे धर्म का मार्गदर्शक

अपने संबोधन में डॉ. भागवत ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अपार त्याग और बलिदान देकर देश को स्वतंत्र कराया है। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम संविधान और कानून के अनुरूप अपने कर्तव्यों का पालन कर देश को मजबूती प्रदान करें। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना का नियमित पाठ नागरिक कर्तव्यों की निरंतर याद दिलाता है।

तिरंगे के रंगों का बताया महत्व

तिरंगे के रंगों की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि भगवा रंग त्याग, कर्मशीलता और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, सफेद रंग मन की शुद्धता और शांति का, जबकि हरा रंग प्रगति, समृद्धि और उन्नति का संकेत देता है। इन सभी को संतुलित रखने के लिए बीच में धर्म चक्र स्थापित है।

आदर्श आचरण से होगा राष्ट्र निर्माण

उन्होंने कहा कि लिखित कानूनों के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक परंपराएं भी समाज को मनुष्यता की दिशा में ले जाती हैं। आदर्श आचरण अपनाकर ही हम भारत को विश्व में सिरमौर बना सकते हैं।

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में प्रांत संघचालक गौरीशंकर प्रसाद, प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह बिसेन, क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी, चंद्रमोहन खन्ना चन्नी, संजीव सिंह, विवेक, वाल्मीकि सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।