BREAKING:लल्लूराम डॉट कॉम की खबर पर मुहर, एनआरडीए के पूर्व उपाध्यक्ष एस.एस.बजाज को राज्य सरकार ने किया निलंबित

रायपुर- एनआरडीए के पूर्व उपाध्यक्ष आईएफएस अधिकारी एसएस बजाज को भूपेश बघेल सरकार ने निलंबित कर दिया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने एनआरडीए में सीईओ रहते हुए नियमों को ताक पर रखकर काम किया है. बजाज वर्तमान में राज्य वन अनुसंधान संस्थान में एडीशनल डॉयरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं.

बजाज पर ये कार्रवाई उसी वक्त तय हो गई थी, जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी नवा रायपुर के आईआईएम देखने गए थे. 2003 में जिस जगह को सोनिया गांधी ने नया रायपुर की राजधानी के रुप में शिलान्यास किया था. उस जगह का हाल देखकर बे बेहद आहत थे. इससे पहले वे गोल्फकोर्स की ज़मीन को कोड़ियों के मोल प्राइवेट बिल्डर को देने से भी नाराज़ दिखे. उन्होंने कहा कि रमन सिंह और एनआरडीए के तात्कालीन अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ की संपत्ति को लुटाने का काम किया है.

दोनों जगहों का निरीक्षण करने के बाद लौटते हुए भूपेश बघेल ने आईआईएम को ज़मीन अलॉट करने के मामले की जानकारी मांगी. जानकारी में ये बात सामने आई कि उस खसरे में स्मारक स्थल की बात को छिपा ली गई थी. दरअसल, जो जगह आईआईएम को अलार्ट की गई थी उसका कुछ हिस्सा वो जगह थी जहां 2003 में सोनिया गांधी ने नई राजधानी की आधारशिला रखी थी.नियम के मुताबिक किसी जगह को अलॉट करने से पहले उसका भौतिक परीक्षण होना, उसका नक्शा बनना अनिवार्य है. लेकिन एनआरडीए के अधिकारियों ने इसकी अवहेलना की.

इससे पहले एसएस बजाज पर आरोप है कि उन्होंने चीफ इंजीनियर श्रीवास्ताव को बीएसएनएल से नियम विरुद्ध एनआरडीए में ले आए और उनका संविलियन करके चीफ इंजीनियर बना दिया. इसके लिए उन्होंने नियम में संशोधन किया और दो साल में पदोन्नत भी कर दिया था. इसके अलावा बजाज के खिलाफ नई राजधानी में अधिकारियों के बंगले बनाने के लिये गलत तरीके से जमीन आबंटन का आरोप भी लगा है.

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