विकास कुमार/सहरसा। बिहार के सहरसा जिले से जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां देश की नामी कंपनी प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स लिमिटेड के नाम पर अवैध रूप से नकली पाइप बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और प्रशासन की इस संयुक्त छापेमारी ने इंडस्ट्रियल एरिया में चल रहे इस बड़े गौरखधंधे को उजागर कर दिया है।

​प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

​यह पूरी कार्रवाई कंपनी द्वारा दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के बाद शुरू हुई। कंपनी को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि सहरसा में उनके ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। सूचना के आधार पर जिला प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने पॉलिटेक्निक ढाला के समीप स्थित इंडस्ट्रियल एरिया की ‘कोसी इंटरप्राइजेज’ फैक्ट्री में अचानक दबिश दी।

​भारी मात्रा में नकली स्टॉक बरामद

​छापेमारी के दौरान जांच टीम के होश उड़ गए जब वहां भारी मात्रा में तैयार पाइप मिले, जिन पर अवैध रूप से प्रिंस पाइप्स का ट्रेडमार्क और लोगो लगाया गया था। ये नकली पाइप बाजार में असली बताकर सप्लाई के लिए पूरी तरह तैयार थे। प्रशासन ने मौके पर ही पाइपों की बड़ी खेप को जब्त कर लिया और फैक्ट्री परिसर को जांच के दायरे में ले लिया है।

​जांच और कानूनी प्रक्रिया

​कंपनी के जांच अधिकारियों के मुताबिक, किसी दूसरी इकाई द्वारा कंपनी के नाम और ट्रेडमार्क का उपयोग करना कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानून का सीधा उल्लंघन है। इससे न केवल कंपनी के राजस्व को नुकसान हो रहा था, बल्कि ग्राहकों को भी घटिया और नकली सामान देकर उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही थी।
​हालांकि, फैक्ट्री संचालक ने इन आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली पाइप का यह अवैध कारोबार कब से संचालित हो रहा था और इसकी सप्लाई चेन किन-किन जिलों तक फैली हुई है।