जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने बैठक में बताया कि इस केन्द्र में 26 अलग-अलग प्रकार के मामलों में कार्यवाही की गई है। कुल 410 प्रकरणों में मुख्य रूप से इनमें घरेलू हिंसा के 225, व्यक्तिगत विवाद के 41, बालश्रम के 35, दहेज प्रताड़ना के 75, सहित विभिन्न प्रकरणों में महिलाओं को तत्काल सहायता एवं संरक्षण प्रदाय किया गया है।

ज्ञातव्य है कि इस केन्द्र में 175 महिलाओं को अस्थाई आश्रय प्रदाय किया गया है। इनमें से स्थाई आश्रय हेतु 2 महिलाओं को नारी निकेतन दंतेवाड़ा एवं 2 महिलाओं को सेंदरी बिलासपुर भेजी गई हैं। विक्षिप्त अवस्था में पाई गई महिलाओं को चिकित्सकीय सुविधा एवं परामर्श के साथ परिवारजनों को सुपुर्द किया गया है।