दिल्ली की साकेत जिला अदालत ने कारोबारी समीर मोदी (Sameer Modi) द्वारा दायर मारपीट मामले में कार्रवाई करते हुए उनकी मां बीना मोदी(Beena Modi), वरिष्ठ अधिवक्ता ललित भसीन और पीएसओ सुरेंद्र प्रसाद को समन जारी किया है। अदालत ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रस्तुत आरोपपत्र पर संज्ञान लिया और तीनों आरोपियों को 7 मई को अगली सुनवाई के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया।
दिल्ली की साकेत जिला अदालत में समीर मोदी द्वारा दायर मारपीट मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनीजा बिश्नोई ने आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि आरोपपत्र, जांच के दौरान दर्ज बयानों और रिकॉर्ड की उपलब्ध सामग्री के अवलोकन से प्रथम दृष्टया बीना मोदी और ललित भसीन की संलिप्तता के संकेत मिलते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि संज्ञान लेने के चरण पर साक्ष्यों का विस्तृत मूल्यांकन आवश्यक नहीं है। रिकॉर्ड में मौजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि आरोपियों के बीच साझी मंशा मौजूद थी, जो मुकदमा चलाने के लिए इस स्तर पर पर्याप्त है।
बोर्ड मीटिंग में घुसने से रोकने व मारपीट का आरोप
यह मामला 30 मई 2024 को हुई घटना से संबंधित है। समीर मोदी ने सरिता विहार थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया कि वे कार्यकारी निदेशक होने के नाते जसोला स्थित जीपीआई कार्यालय में बोर्ड मीटिंग में शामिल होने गए थे। आरोप है कि बोर्ड मीटिंग में प्रवेश करने से उन्हें रोका गया और पीएसओ सुरेंद्र प्रसाद ने उन पर हमला किया। इस हमले के दौरान उनकी उंगली टूट गई। दिल्ली पुलिस ने अपने आरोपपत्र में कहा कि बीना मोदी और वरिष्ठ अधिवक्ता ललित भसीन के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। सुरेंद्र प्रसाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 325 (गंभीर चोट) और 341 (अवैध रोकथाम) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 7 मई को तय की है, जिसमें आरोपियों को उपस्थित होने का समन जारी किया गया है।
विरोध याचिका के बाद बदला रुख
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 1 मार्च 2025 को आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद 29 अप्रैल 2025 को समीर मोदी ने विरोध याचिका दायर कर बीना मोदी और वरिष्ठ अधिवक्ता ललित भसीन के खिलाफ भी संज्ञान लेने की मांग की। जांच अधिकारी ने विरोध याचिका पर दो बार जवाब दाखिल किया। पुलिस का कहना था कि जांच में बीना मोदी और ललित भसीन की संलिप्तता का कोई साक्ष्य सामने नहीं आया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीजा बिश्नोई ने विरोध याचिका स्वीकार कर ली। इसके तहत बीना मोदी, ललित भसीन और पीएसओ सुरेंद्र प्रसाद को समन जारी किया गया।
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