शिवम मिश्रा, रायपुर। बांग्लादेश में हाल ही में हुए तख्तापलट के बाद अन्य अल्पसंख्यकों के साथ हिन्दुओं की स्थिति और कठिन हो गई है. नृशंस हत्याएं, महिलाओं के अपहरण और मतांतरण की घटनाएं सामने आ रहीं हैं. यह मानवाधिकार का हनन है. हिंदुओं के साथ-साथ अन्य अल्पसंख्यक भी इससे प्रताड़ित हैं. संघ ने ऐसे समय में बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ एक साथ खड़े रहने का प्रस्ताव पारित किया है. यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मध्यक्षेत्र संघचालक पूर्णेंदु सक्सेना ने कही. यह भी पढ़ें : जल जीवन मिशन में सैकड़ों करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप: पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने डिप्टी सीएम अरुण साव को लिखा पत्र, केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग

प्रांत सरसंघ चालक बाबूलाल वर्मा के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मध्यक्षेत्र संघचालक पूर्णेंदु सक्सेना ने बताया कि संघ की सर्वोच्च बॉडी, अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में बैठक हुई. इसका संचालन दत्तात्रेय होसबोले ने किया. इसमें 40 से ज्यादा संगठनों ने हिस्सा लिया. संघ के कार्य में अभूतपूर्व विकास हुआ है. मार्च 2024 और 2025 के बीच 45600 से बढ़कर 51610 जगहों पर संघ का विस्तार हुआ है. सामाजिक समरसता पर भी समीक्षा हुई.

पुणेंदु सक्सेना ने बैठक में बांग्लादेश के मुद्दे पर हुई चर्चा की जानकारी देते हुए बताया कि बांग्लादेश में निरंतर बढ़ती जनसंख्या घट गई है, यह चिंता का विषय है. बांग्लादेश से आ रहे वक्तव्य दोनों देशों के बीच मतभेद पैदा कर रहा है. एक जगह पर हुई उथल-पुथल अन्य जगहों को भी प्रभावित करती है. बांग्लादेश के हिंदू समाज ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया है. विश्व भर के हिंदू समाज ने उन्हें समर्थन किया है. विश्व भर के अनेक नेताओं ने अपने स्तर पर इसे उठाया है.

उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि सभा भारत सरकार से अनुरोध करती है कि वहां के हिंदुओं की सुरक्षा के लिए उनके अधिकारों के लिए वहां की सरकार से बातचीत करे. वहां की सरकार पर दबाव बनाकर बातचीत करे. सभी हिन्दू संगठन एक साथ होकर इसके खिलाफ आवाज उठाए.

विजयादशमी के दिन आरएसएस की स्थापना को शताब्दी वर्ष होगा. इसे संघ एक अवसर के रूप में प्रयोग करेगा. हमारा जो विचार है, उसको समाज तक ले जाने का प्रयास रहेगा. मंडल स्तर पर विजयादशमी के दिन हम लोगों तक पहुंच सके, ऐसी योजना बनी है. एक विस्तृत गृह संपर्क करने की योजना भी बनाई गई है. सभी मंडलों में हिंदू सम्मेलन कराया जाए, ऐसी योजना बन रही है. जिला स्तर पर प्रमुख नागरिकों के साथ परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा. हर विमर्श, जो देश को तोड़ने वाला होता है, उसको खत्म करने का प्रयास किया जाएगा.