संजय साव ने कभी सोचा भी नहीं था कि जिंदगी जीने का उनका संघर्ष कुछ इस तरह से खत्म होगा। एक शख्स जिसके हौसले को नक्सली भी नहीं तोड़ पाए, अब इस दुनिया में नहीं है। उनकी पत्नी, एक सहायक, 2 पायलट, 1 डॉक्टर और 1 मेडिकल स्टाफ जो रांची से एयर एंबुलेंस में दिल्ली के रवाना हुए थे, वे भी हमेशा के लिए छोड़ कर चले गए हैं। रांची से उड़ान भरने के कुछ मिनट के बाद ही चतरा के पास चार्टेड प्लेन क्रैश हो गया। संजय साव की असमय मौत से हर कोई दुखी है। दो बेटे शुभम (17) और शिवम (13) के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है।

रांची में एयर एंबुलेंस के क्रैश होने से 7 जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गई। इस एंबुलेंस में बुरी तरह से झुलसने वाले संजय को दिल्ली लाया जा रहा था।

संजय की कहानी की बात करें तो 65 फीसदी झुलस जाने के बाद उन्हें दिल्ली लाया जा रहा था ताकि उनकी जिंदगी बचाई जा सके। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। चतरा के पास चार्टेड प्लेन क्रैश हो गया. चंदवा थाने के अंतर्गत आने वाले रखात गांव में संजय को हर कोई एक ऐसे शख्स के रूप में जानता था जो काफी मिलनसार थे। सभी से प्रेम से बात किया करते थे।

2000 के दशक में जब नक्सलियों का खौफ बढ़ा हुआ था, वह चंदवा आकर बस गए। 2002 में घर बनाया और एक ढाबा किराए पर लेकर चलाना शुरू कर दिया। जब वह अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर ही रहे थे, तभी 2004 में नक्सलियों ने पिता की हत्या कर दी।

कड़ी मेहनत और सभी से मिलजुलकर रहने की आदत से संजय ने जल्द ही अपना ढाबा स्थापित कर लिया। लेकिन कुछ ही दिन पहले इसी ढाबे में लगी आग में वह बुरी तरह से झुलस गए। पलामू में उनके लाइन होटल में शॉर्ट सर्किट हो गया था। इस दौरान पैर फिसलने से वह आग की चपेट में आ गए थे। उन्हें रांची के देक्कमल अस्पताल भेजा गया, लेकिन हालत बिगड़ने के चलते उन्हें दिल्ली रेफर किया गया था।

संजय के पास इतना पैसा नहीं था और एयर एंबुलेंस के लिए करीब 2.5 लाख रुपये कम पड़ रहे थे। इसके बाद परिजनों ने चंदवा में गांव में रिश्तेदारों से पैसा उधार लिया था। लेकिन यह एयर एंबुलेंस उड़ान भरते ही क्रैश हो गई। संजय की हालत ऐसी नहीं थी कि उन्हें सड़क या ट्रेन के मार्ग से दिल्ली लाया जा सके। इसलिए दिल्ली की एक कंपनी की एयर एंबुलेंस बुक की गई। इसके लिए उन्होंने 8 लाख रुपये चुकाए थे।

ब्लैक बॉक्स को रिकवर कर टेक्निकल फेल्योर एनालिसिस, मौसम की परिस्थितियों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, कम्युनिकेशन लॉग, मेंटनेंस रिकॉर्ड और सर्विस हिस्ट्री की फोरेंसिक जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह सुरक्षा नियमों और SOP से जुड़ा लगता है।

प्लेन क्रैश में 7 लोगों की मौत

क्रममृतक
1संजय सावमरीज
2अर्चना देवीपत्‍नी
3ध्रुव कुमारअटेंडेंट
4व‍िकास कुमार गुप्‍ताडॉक्‍टर
5सच‍िन कुमार म‍िश्रापैरामेड‍िक
6कैप्टन व‍िवेक व‍िकास भगतपायलट
7कैप्‍टन सव राजदीप स‍िंहपायलट

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