Sanju Samson, Team India Playing 11 For IND vs ZIM Super Eight Match: टी20 विश्व कप 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया फंसी हुई है. अगर उसे सेमीफाइनल में जाना है तो सुपर 8 के बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे. एक भी हार उसका सफर खत्म कर सकती है. टीम इंडिया को 26 फरवरी यानी आज सुपर 8 का दूसरा मुकाबला जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलना है. यह दोनों टीमों के लिए करो या मरो वाला मैच है. सूर्या ब्रिगेड को पिछले मैच में साउथ अफ्रीका ने 76 रनों से हराया था. उस हार से सबक लेते हुए टीम इंडिया प्लेइंग 11 में एक अहम बदलाव के साथ मैदान में उतर सकती है.

यह मैच न सिर्फ सेमीफाइनल के लिहाज से अहम है, बल्कि कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्या की इज्जत भी दांव पर है, क्योंकि टी20 विश्व कप के इतिहास में टीम इंडिया कभी जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम से नहीं हारी. टीम की इज्जत बचाने के लिए कोच एक ऐसे खिलाड़ी को प्लेइंग 11 में अचानक एंट्री दे सकते हैं, जो अकेले के दम पर मैच जिताने की क्षमता रखता है. उसकी वापसी के साथ ही 11 साल पुराना एक अद्भुत संयोग बन रहा है, जो न सिर्फ उस खिलाड़ी का करियर पटरी पर ला सकता है, बल्कि टीम इंडिया को सेमीफाइनल की टिकट दिलाने के लिए एक कदम और आगे बढ़ा सकता है.
ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि दाएं हाथ के तूफानी विकेटकीपर-बैटर संजू सैमसन हैं. चेपॉक (एमए चिदंबरम स्टेडियम) में जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मैच में संजू को रिंकू सिंह की जगह प्लेइंग 11 में एंट्री मिल सकती है. अगर वो आते हैं तो फिर अभिषेक शर्मा के साथ ओपन कर सकते हैं, जबकि नंबर 3 पर ईशान किशन को खेलना होगा.
11 साल बाद बना ये अद्भुत संयोग
ये वही संजू हैं, जिन्होंने आज से ठीक 11 साल पहले इसी जिम्बाब्वे टीम के खिलाफ अपने करियर का आगाज किया था. उनके लिए सुपर 8 का यह मुकाबला किसी ‘टाइम मशीन’ की तरह है. 19 जुलाई 2015 को संजू ने जिम्बाब्वे के खिलाफ ही अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. अब 11 साल बाद एक बार फिर वो इस टीम के खिलाफ जलवा दिखाकर प्लेइंग 11 में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे. यह एक संयोग ही है कि संजू का उतार-चढ़ाव वाला करियर उसी जिम्बाब्वे टीम के सामने आ खड़ा हुआ है, जिसके खिलाफ उन्होंने भारत के लिए पहला मैच खेला था.
बल्लेबाजी बनी सिरदर्द: क्या संजू बनेंगे ‘एक्स फैक्टर’?
टीम इंडिया ने संजू को इस सीजन ग्रुप स्टेज में सिर्फ एक मैच खिलाया था. उन्हें खराब फॉर्म के चलते ज्यादा मौके नहीं मिले. ग्रुप स्टेज में भारत ने सभी चारों मैच जीते, लेकिन सुपर 8 के पहले ही मुकाबले में उसे अफ्रीका ने हरा दिया. इस एडिशन में भारत की सबसे बड़ी कमजोरी टॉप-ऑर्डर बल्लेबाजी रही है. अभिषेक शर्मा का फॉर्म चिंता का विषय है, जबकि तिलक वर्मा ने उम्मीदों के मुताबिक रन नहीं बनाए. रिंकू सिंह भी मिडिल ऑर्डर में संघर्ष करते दिखे.
भारत के टॉप 3 ओपनर बाएं हाथ के बैटर हैं, जिनके खिलाफ विरोधी टीमों ने ऑफ स्पिन का इस्तेमाल किया और टीम इंडिया को बैकफुट पर धकेल दिया. ऐसे में दाएं हाथ के संजू विरोधियों की इस रणनीति की काट बन सकते हैं. सुपर 8 के अहम मुकाबले में उनका अनुभव टीम के काम आ सकता है.
संजू ने 5 मैचों में 3 शतक ठोक बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड
खास बात ये है कि संजू के पास स्पिन को खेलने की गजब की तकनीक है. माना जा रहा है कि चेपॉक की पिच पर वह गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं. ये वही संजू हैं, जिन्होंने 2024 के अंत में 5 मैचों में 3 शतक लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. अगर संजू का बल्ला चल गया तो फिर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की खैर नहीं. टीम मैनेजमेंट संजू को एक ‘राइट-हैंडर विकल्प’ के तौर पर देख रहा है, ताकि विपक्षी टीमों की ऑफ-स्पिन रणनीति को नाकाम किया जा सके. कुल मिलाकर संजू एक्स फैक्टर बन सकते हैं.
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग XI
भारत – अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह.
जिम्बाब्वे – ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमनी, सिकंदर रजा (कप्तान), रायन बर्ल, डायन मायर्स, ताशिंगा मुसेकिवा, रिचर्ड नगारवा, ब्रैड इवांस, टोनी मुनयोंगा, ग्रीम क्रेमर, ब्लेसिंग मुजरबानी.
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