शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश में 10 मार्च से सरस्वती अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे। स्कूल छोड़ चुकी बेटियों को ओपन स्कूल से जोड़कर सरकार फिर पढ़ाएगी। बेटियां 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षा दे सकेंगी।बेटियों को अध्ययन सामग्री, संपर्क कक्षाएं, मार्गदर्शन और मेंटोरिंग की सुविधा भी विभाग उपलब्ध कराएगा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा।

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साल 2025-26 में घटकर 55.61 लाख रह गई

दरअसल पिछले 15 सालों के दौरान मध्यप्रदेश में बच्चों के एडमिशन में 50 लाख की कमी आई है। बजट सत्र में विधानसभा में स्कूल शिक्षा विभाग ने यह जानकारी दी। सरकारी स्कूलों के प्राइमरी और मिडिल क्लॉस में एडमिशन लेने वाले छात्र-छात्रों की संख्या में लगातार कमी आई है। 2010 में जहां कक्षा 1 से 8 वी तक 105.30 लाख स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया था। वह संख्या साल 2025-26 में घटकर 55.61 लाख रह गई है।

साल-दर-साल आंकड़े

2010-11 में 8 तक की कक्षा में 105.30 लाख स्टूडेंट्स एडमिशन लिया था
2011-12 में 1 से 8 वीं कक्षा तक एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 101.38
2014-15 में कक्षा 1 से 8 वीं तक एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 93.76 लाख
2020-21 में कक्षा 1 से 8 वीं तक एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 64.34 लाख
24-25 में कक्षा 1 से 8 वीं तक एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 58.17 लाख
2025-26 में कक्षा 1 से 8 वीं तक एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या घटकर 55.61 लाख रह गई.

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