अविनाश श्रीवास्तव/ सासाराम। जिले में आयोजित होने वाला जनता दरबार फरियादियों के लिए उम्मीद की जगह अब औपचारिकता बनता जा रहा है। हर सप्ताह डीएम की अध्यक्षता में सैकड़ों मामलों की सुनवाई होती है, लेकिन आवेदकों का आरोप है कि अधिकतर मामलों का निपटारा कागजों से आगे नहीं बढ़ पाता। संबंधित विभागों के अधिकारी निर्देश मिलने के बावजूद समाधान में रुचि नहीं दिखाते, जिससे पीड़ितों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
आठ साल से अतिक्रमण हटाने की लड़ाई
कोआथ निवासी राजू कुमार ठाकुर ने बताया कि उनकी जमीन पर अतिक्रमण का मामला पिछले आठ वर्षों से लंबित है। डीएम और मुख्यमंत्री जनता दरबार तक गुहार लगाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आवास योजना लाभुक को मिल रही प्रताड़ना
पेनार गांव की एक महिला ने कहा कि आवास योजना के तहत मिली जमीन पर घर बनाने के बाद से आसपास के लोग परेशान कर रहे हैं। नाली के पानी को बहाने तक नहीं दिया जा रहा, जबकि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई।
नामांतरण में लापरवाही, सीओ पर आरोप
अदमापुर के रामचंद्र सिंह ने कहा कि पिता की मृत्यु के बाद से वे नामांतरण के लिए चार-पांच बार जनता दरबार पहुंच चुके हैं, पर डीएम के निर्देश के बाद भी कार्य लंबित है।
मत्स्यजीवी सदस्यों को नहीं मिलते तालाब
संझौली के अंबिका प्रसाद ने आरोप लगाया कि तालाब आवंटन में समिति के पदाधिकारी बाहरी लोगों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
दो महीने से भटक रहा दिव्यांग
करगहर के मोहम्मद असलम ने बताया कि कब्रिस्तान घेराबंदी के मामले में दो महीने से दौड़ लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
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