अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। जिला अग्निशमन विभाग ने मंगलवार को स्थानीय सदर अस्पताल परिसर में एक विशेष जागरूकता अभियान और ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और स्वास्थ्य कर्मियों को आग जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था।
रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का प्रदर्शन
अभियान के दौरान अग्निशमन अधिकारियों ने जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से बताया कि अस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आग लगने पर अफरा-तफरी से कैसे बचें। टीम ने दिखाया कि कैसे धुएं और लपटों के बीच फंसे जख्मी लोगों को सुरक्षित बाहर (कैजुअल्टी रेस्क्यू) निकाला जाता है और उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस के जरिए उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जाता है।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
विभागीय टीम ने जोर देकर कहा कि आग से होने वाले जान-माल के नुकसान को केवल जागरूकता और सतर्कता से ही कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का ईमानदारी से पालन करें। विशेष रूप से बढ़ती गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट और रसोई गैस से होने वाली घटनाओं के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
आपातकालीन स्थिति में डायल करें 101
अधिकारियों ने जानकारी दी कि किसी भी प्रकार की आगलगी की घटना होने पर बिना घबराए तुरंत 101 नंबर पर सूचना देनी चाहिए या नजदीकी अग्निशमन केंद्र से संपर्क करना चाहिए। समय पर सूचना मिलने से दमकल की गाड़ियां जल्द पहुंच सकती हैं और बड़े हादसे को टाला जा सकता है।
इस मॉक ड्रिल में मुख्य रूप से प्रधान अग्नि अनिल शर्मा, शिवराज, चालक सुधीर कुमार सहित राजेश कुमार, गौतम, सुहाना कुमारी और सतीश कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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