अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। जिले के सदर अस्पताल सासाराम से डीएम के निर्देशों की अवहेलना का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। जिसने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक अनुशासन और कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल जिले की जिलाधिकारी उदिता सिंह द्वारा लापरवाही के आरोप में हटाए गए स्वास्थ्य अधिकारी को सिविल सर्जन ने दंड देने के बजाय एसीएमओ के पद पर पदोन्नत कर दिया है।

जानें क्या है पूरा मामला?

बता दें कि बीते 26 दिसंबर को सदर अस्पताल से लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए डीएम उदिता सिंह ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर में विसंगति, अस्पताल परिसर में अव्यवस्था, कार्यशैली में लापरवाही समेत चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति भी उजागर हुई थी। जिसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल कार्यकारी उपाधीक्षक डॉ बी के पुष्कर को पद से हटाने का सीएस को सख्त निर्देश दिया था, लेकिन सीएस ने कार्रवाई के बदले डीएस को प्रमोशन का तोहफा दे दिया।

कार्रवाई के बदले मिला प्रमोशन

हालांकि डीएम के सख्त निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ मणिराज रंजन ने डॉ बी के पुष्कर को डीएस के पद से तो हटा दिया, लेकिन उन्हें निचले पद पर भेजने के बजाय सदर अस्पताल के महत्वपूर्ण अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर पदोन्नत कर दिया। इधर स्वास्थ्य विभाग के इस कदम को डीएम के आदेशों की अवहेलना के रूप में देखा जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सीएस ने कार्यबोक्ष का दिया हवाला

वहीं सिविल सर्जन ने एसीएमओ के पद पर डाॅ पुष्कर की पदस्थापना के लिए जारी पत्र में कार्यबोझ की अधिकता एवं एसीएमओ डाॅ अशोक सिंह के स्थानांतरण का हवाला दिया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि रोहतास जिलान्तर्गत अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय इकाई से संचालित किये जा रहे विभिन्न कार्यकमो को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए एसीएमओ की नियमित पदस्थापना होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत डाॅ बुलुम कुमार पुष्कर को उनके कार्यो के अतिरिक्त अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी का दायित्व सौंपा जाता है।

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