भुवनेश्वर: ओडिशा विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी सदस्यों ने लगातार चौथे दिन सदन की कार्यवाही रोक दी और SCB आग की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान, बीजद और कांग्रेस के विधायकों ने नारे लगाए और सदन के अंदर अफरा-तफरी मचा दी। बीजेपी सदस्यों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने की कोशिश की, लेकिन शोर-शराबे के कारण मंत्रियों के जवाब सुनाई नहीं दिए। स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने सदन में व्यवस्था बहाल करने के लिए सर्वदलीय बैठकें बुलाईं, लेकिन कोई आम सहमति नहीं बन पाई।
विपक्षी विधायकों ने “राम नाम सत्य है” जैसे नारे लगाए और पोस्टर दिखाए। बीजद विधायकों ने स्पीकर की कुर्सी की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिससे सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हो गई। कांग्रेस विधायक नीलामाधव हिकाका और बीजद विधायक योगेश सिंह ने अपने विरोध को और तेज़ करने के लिए रिपोर्टरों की मेज़ पर चढ़कर प्रदर्शन किया। बीजद विधायक अरुण साहू ने एक कुर्सी खींचकर स्पीकर के आसन की ओर ले जाने की कोशिश की, जिससे तनाव और बढ़ गया।

राज्य सरकार ने आग की घटना के सिलसिले में चार अग्निशमन अधिकारियों को निलंबित कर दिया और दो जांच के आदेश दिए। बीजेपी नेताओं ने विपक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की कड़ी निंदा की और उनसे इस दुखद घटना का राजनीतिकरण करने के बजाय चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार ने घटना के महज़ दो दिनों के भीतर ही त्वरित कार्रवाई की है।
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