श्रम सचिव सोनमणि बोरा ने पेश की मानवता की मिसाल, राहत शिविरों में खुद परोस कर लोगों को कराया भोजन

रायपुर- श्रम विभाग के सचिव एवं राज्य नोडल अधिकारी सोनमणि बोरा ने आज लॉकडाउन से प्रभावितों के लिए बनाए गए राजधानी के लाभाण्डी स्थित राहत शिविर का निरीक्षण किया। बोरा वहां पर रूके हुए लोगों से रूबरू हुए और उनसे व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वयं हितग्राहियों को अपने हाथों से भोजन परोसा। उन्होंने वहां पर रूके प्रवासियों के बच्चों के लिए दुध के इंतजाम करने के भी निर्देश दिए।

बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पूरे प्रदेश में विभिन्न स्थानों में राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है और प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन और रहवास का इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और उनके द्वारा उचित इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

बोरा ने वहां पर सामाजिक संस्था द्वारा किए जा रहे भोजन वितरण कार्य की सराहना की। राजधानी स्थित लाभाण्डी शिविर में 214 प्रवासी लोगों को रखा गया है, जिसमें से 128 छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से हैं और बाकी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल सहित अन्य प्रदेशों के लोग शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश में 355 राहत शिविर संचालित हैं, जिसमें करीब 10 हजार प्रवासी हितग्राही रूके हुए हैं।  बोरा ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सभी जरूरतमंदों की सहायता के लिए शासन प्रतिबद्ध है। कुली, हाथ ठेला चलाने वाले, ईंट भट्ठा में काम तथा अन्य श्रमिक जो अपनी आजीविका के लिए प्रतिदिन की मजदूरी पर ही निर्भर रहते हैं, उनका ध्यान रखा जाए ताकि उन्हें भोजन के लिए तकलीफ न हो।

बोरा ने इंडोर स्टेडियम स्थित भोजन-राशन और राहत सामग्री के वितरण के लिए बनाए गए नियंत्रण केन्द्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वितरण व्यवस्था की जानकारी ली और सराहना भी की। साथ ही आवश्यक निर्देश भी दिए। बोरा ने बताया कि असहाय, गरीब एवं प्रभावित व्यक्ति, जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनके लिए सामुदायिक भोजनालय के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की जा रही है। अब तक करीब 62,172 से अधिक व्यक्तियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। अन्य 19 राज्यों और 02 केन्द्र शासित प्रदेशों में छत्तीसगढ़ के करीब 14 हजार श्रमिक रूके हुए हैं, उनके लिए समन्वय कर भोजन, रहने और नगद सहायता की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौरव सिंह भी उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button
Close
Close
 
धन्यवाद, लल्लूराम डॉट कॉम के साथ सोशल मीडिया में भी जुड़ें। फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो करें एवं हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।