अनुराग शर्मा, सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर में खेली जानी वाली नवाबी होली को अब महादेव होली के नाम से खेली जाएगी। नवाबी होली की परंपरा को प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बदल दिया है। अब वह महादेव की होली कहलाएगी।

भीषण सड़क हादसे में 4 लोगों की मौतः दो बाइक की आमने-सामने हुई टक्कर, एक घायल

भगवान शिव के साथ होली मनानी चाहिए

दरअसल ​पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि सीहोर में दशकों से ‘नवाबी होली’ मनाने की परंपरा चली आ रही थी। ​इतिहास आजादी से पहले भोपाल के नवाब होली के दूसरे दिन (भाई दूज पर) सीहोर आकर होली खेलते थे, जिसे ‘नवाबी होली’ कहा जाता था। यह परंपरा 2021 तक जारी रही। पंडित मिश्रा ने इस परंपरा को बदलकर इसे ‘महादेव की होली’ का नाम दिया। उन्होंने आह्वान किया कि हिंदू समाज को अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहिए और भगवान शिव के साथ होली मनानी चाहिए।​

​विश्व युद्ध और भविष्यवाणियां

​पंडित प्रदीम मिश्रा ने विश्व की वर्तमान स्थिति और तीसरे विश्व युद्ध (World War III) की संभावनाओं पर भी चर्चा की। ​उन्होंने आध्यात्मिक दृष्टिकोण से संकेत दिया कि यदि मानवता ने धर्म और भक्ति का मार्ग नहीं अपनाया, तो विनाशकारी परिस्थितियां बन सकती हैं। ​उनका कहना है कि भगवान की भक्ति ही वह कवच है जो आने वाले संकटों से रक्षा कर सकती है। उन्होंने शिव भक्तों को जातियों में न बंटने की सलाह दी और कहा कि महादेव सबके हैं-चाहे वह अमीर हो या गरीब, इंसान हो या पशु-पक्षी। उन्होंने कहा कि दुनिया के सारे रंग फीके पड़ सकते हैं, लेकिन शिव भक्ति का रंग कभी नहीं उतरता।

महादेव की होली के बाद स्वच्छता का संकल्प

वहीं सीहोर नगर पालिका के सफाई योद्धाओं ने अपने कर्तव्य की नई मिसाल पेश की है। पंडित प्रदीप जी मिश्रा के सानिध्य में आयोजित महादेव की होली में आज आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों क्विंटल गुलाल और फूलों से पूरा शहर सराबोर हो गया। चल समारोह के संपन्न होते ही जब नागरिक अपने घरों में विश्राम कर रहे थे, तब नगर पालिका ने मोर्चा संभाल लिया।

त्वरित सफाई अभियान

चल समारोह के तुरंत बाद बाजार क्षेत्र और प्रमुख मार्गों से गुलाल, फूल और कचरा हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। भारी मात्रा में रंग और गुलाल होने के बावजूद, स्वच्छता दल ने आधुनिक मशीनों और संसाधनों के साथ सफाई सुनिश्चित की, ताकि अगले दिन शहर अपने स्वच्छ स्वरूप में नजर आए।

जनता से अपील

प्रिंस राठौर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक सहभागिता है। उन्होंने शहरवासियों से आग्रह किया कि वे इन ‘स्वच्छता दूतों’ के प्रति सम्मान का भाव रखें और शहर को सुंदर बनाए रखने में सहयोग करें। नपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका प्रशासन सीहोर की स्वच्छता और नागरिकों की सुविधाओं के लिए सदैव तत्पर है। इन कर्मठ कर्मचारियों के पसीने की बूंदों ने आज फिर साबित कर दिया कि सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव है।

चल समारोह के बाद सफाई अभियान

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m