अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी नृशंस हत्या करने के मामले में माननीय न्यायालय ने ऐतिहासिक और सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला न सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए न्याय की जीत है, बल्कि समाज में बढ़ते जघन्य अपराधों के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी है।
ये है पूरा मामला
घटना मार्च 2023 की है, जब खैरहा थाना अंतर्गत ग्राम छिरहटी में आरोपी भानू धीमर ने महज तीन साल की मासूम बच्ची के साथ निर्दयतापूर्वक मारपीट और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। गंभीर रूप से घायल बच्ची को मेडिकल कॉलेज शहडोल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 7 मार्च 2023 को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट में मासूम के साथ हुई बर्बरता की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामले में हत्या (धारा 302) और पॉस्को एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
डराने-धमकाने और सबूत मिटाने की कोशिश
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने बच्ची की मां को जान से मारने की धमकी दी थी और शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ने का दबाव बनाया था। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और डीएनए साक्ष्यों ने आरोपी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया। आरोपी भानू धीमर को धारा 302 (हत्या) में आजीवन कारावास, धारा 5(M)/6 पोक्सो एक्ट में मृत्युदंड (फांसी) और धारा 201 व 506(B) में कारावास व अर्थदंड की सजा दी गई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के साथ-साथ सह-आरोपियों राजकुमार और पिंकी धीमर को भी संरक्षण देने और धमकाने का दोषी पाया है।

भालू के हमले से बुजुर्ग की मौत
शहडोल के गोहपारू वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुनुक नदी के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, चेतन प्रसाद यादव रोज की तरह निस्तार और पशु चराने के लिए कुनुक नदी की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। जिससे गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही साउथ वन मंडल की डीएफओ सुश्री श्रद्धा पेंदे तत्काल मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए, वन विभाग द्वारा पंचनामा तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई है।
रिहायशी इलाकों में आवाजाही, वन विभाग ने की ये अपील
डीएफओ श्रद्धा पेंदे ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह हमला भालू ने किया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अकेले जंगल या नदी किनारे न जाने की अपील की है। इधर, जिले के जैतपुर और केशवाही क्षेत्रों में भी भालुओं की लगातार रिहायशी इलाकों में आवाजाही देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि भोजन की तलाश में भालू जंगल से बाहर निकलकर गांवों की ओर आ रहे हैं। केशवाही क्षेत्र से कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें भालू माल वाहक वाहनों से खाने-पीने का सामान उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। इससे लोगों की चिंता और डर और बढ़ गया है।

ग्रामीणों ने गश्त बढ़ाने की मांग की
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही भालुओं की गतिविधियों के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोग वन विभाग से मांग कर रहे हैं कि रिहायशी इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए और भालुओं को जंगल की ओर सुरक्षित तरीके से खदेड़ा जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

शहडोल नगर पालिका में सफाईकर्मियों का आक्रोश
शहडोल नगर पालिका परिषद में कार्यरत सफाईकर्मियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। वर्षों से लंबित मांगों और नगरपालिका के कथित मनमाने रवैये से परेशान सफाई मित्र हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है और जगह-जगह कचरे के ढेर लगने लगे हैं। आरोप है कि नगर पालिका परिषद में कई सफाई मित्र ऐसे हैं जो 30 वर्षों से भी अधिक समय से सेवा दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें आज तक स्थाई (परमानेंट) नहीं किया गया। इतना ही नहीं, समय पर वेतन का भुगतान भी नहीं होने से उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इन्हीं मांगों को लेकर सफाईकर्मी अब आंदोलन के रास्ते पर उतर आए हैं। सफाई मजदूर संघ के नेतृत्व में सफाई मित्र झाड़ू और सफाई औजार हाथ में लेकर नगर भ्रमण करते हुए हड़ताल पर बैठे।
विधायक ने दिया ये आश्वासन
उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान सफाईकर्मियों ने अपनी पीड़ा और समस्याओं को क्षेत्रीय विधायक मनीषा सिंह के सामने रखा। सफाईकर्मी मित्रों ने विधायक को बताया कि वर्षों तक नगर की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें स्थायित्व, सम्मानजनक वेतन और मूल सुविधाओं से वंचित रखा गया है। इस पर विधायक मनीषा सिंह ने सफाईकर्मियों की बात गंभीरता से सुनते हुए उनकी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों की समस्याओं को लेकर नगरपालिका प्रशासन से चर्चा की जाएगी और न्यायोचित समाधान का प्रयास किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि नगरपालिका प्रशासन कब तक सफाई मित्रों की मांगों पर ठोस कदम उठाता है और हड़ताल समाप्त होती है।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें


