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Shalabhasan Benifits : शरीर को ऑल राउंड स्ट्रेच और रिलैक्स करे शलभासन, जानिए इस आसन की विधि और इसके फायदे …

आज के समय में ऐसा हो गया है कि हर किसी की शरीर में कोई न कोई दिक्कत रहती है. किसी को पीठ दर्द की शिकायत तो किसी के घुटने में दर्द. कुछ लोग पाचन की समस्या से जूझ रहे हैं तो कोई मोटापे का शिकार हुआ है. इस तरह की सभी समस्याओं का एक ही हल है खुद को फिट रखना. उसके लिए चाहे तो डांस करें, जिम जाएं या फिर योग या शलभासन (Shalabhasan) करें.

लाइफस्टाइल को सही करने का सबसे अच्छा तरीका रोज योग करना है. क्यों कि ये आपकी बॉडी के साथ ही आपके मन को भी अच्छा रखता है. आपके पूरे शरीर को ऑल राउंड स्ट्रेच और रिलैक्स करने का सबसे अच्छा आसन Shalabhasan है. यह आसन शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करने के साथ आपको रिलैक्स भी करता है. Read More – नन्हें फैन ने तोड़ा Big B का सुरक्षा घेरा, जाकर छू लिए Amitabh Bachchan के पैर, भावुक हो गए महानायक …

  1. Shalabhasan करने लिए सबसे पहले आप किसी साफ स्थान पर चटाई बिछा कर उलटे पेट के बल लेट जाएं. यानि आपकी पीठ ऊपर की ओर रहे और पेट नीचे जमीन पर रहे.
  2. अब अपने दोनों पैरो को सीधा रखें और अपने पैर के पंजे को सीधे तथा ऊपर की ओर रखें.
  3. अपने दोनों हाथों को सीधा करें और उनको जांघों के नीचे दबा लें, यानि अपना दायां हाथ दायीं जांघ के नीचे और बायां हाथ बायीं जांघ के नीचे दबा लें.
  4. अब अपने सिर और मुंह को सीधा रखें. फिर अपने को सामान्य रखें और एक गहरी सांस अंदर की ओर लें.
  5. अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें, जितना हो सकता हैं, उतना अपनी अधिकतम ऊंचाई तक पैरों को ऊपर करें.
  6. अगर आप योग अभ्यास में नये हैं, तो आप पैरों को ऊपर करने के लिए अपने हाथों का सहारा ले सकते हैं, इसके लिए आप अपने दोनों हाथों को जमीन पर टिका के अपने पैरों को ऊपर कर सकते हैं.
  7. आप इस मुद्रा में कम से कम 20 सेकंड तक रहने की कोशिश करें, इसे आप अपने क्षमता के अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं.
  8. इसके बाद आप धीरे धीरे अपनी सांस को बाहर छोड़ते हुए पैरों को नीचे करते जाएं और अपनी प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं. इस अभ्यास को 3-4 बार दोहराएं.

शलभासन करने के फायदे

वजन कम करता है

Shalabhasan वजन को कम करने के लिए एक अच्छी योग मुद्रा मानी जाती है. यह हमारे शरीर में चर्बी को खत्म करने में मदद करती है. अगर आप वेट लॉस करना चाहते हैं, तो इस योग आसन को जरूर दिनचर्या में जरूर शामिल करें.

शारीरिक मुद्रा को सुधारे शलभासन

शलभासन को ऐसी योग मुद्राओं में शामिल किया जाता है, जिन्हें करने के लिए संतुलन की जरूरत पड़ती है. साथ ही इससे कोर मांसपेशियां मजबूत बनती है और शारीरिक संतुलन व मुद्रा दोनों में सुधार होता है.

मांसपेशियों को मजबूत करता है

हमारे शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए शलभासन एक अच्छी मुद्रा है. यह हमारे शरीर के हाथों, जांघों, पैरों और पिंडली को मजबूत करता है, इसके साथ यह पेट की चर्बी को कम करके उसे सुंदर बनाता है. रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए शलभासन एक अच्छा योग हैं.

पीठ दर्द करे ठीक

जब आप शलभासन का अभ्यास करते हैं तो इससे आपकी रीढ़ की हड्डी की फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार होता है. यह आसन उन लोगों के लिए काफी अच्छा माना जाता है, जिन्हें अक्सर कमर दर्द या पीठ दर्द से परेशान रहते हैं. Read More – Constipation : अगर आपको भी है कब्ज की परेशानी, तो रोज करें उत्कटासन …

बीमारियों को ठीक करता है

शलभासन से कई प्रकार की बीमारियों को ठीक किया जा सकता है. यह हमारे पेट के पाचन तंत्र को ठीक करता करता है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां नहीं होती हैं, इसके साथ यह कब्ज को ठीक करता है, शरीर में अम्ल और क्षार के संतुलन को बनाये रखता है. यह मूत्र संबंधी विकारों को सुधारने में मदद करता है और रीढ़ की बीमारियों को ठीक करता हैं.

शरीर को रखे स्वस्थ

शलभासन से हमारा पूरा शरीर स्वस्थ रहता है. यह मुद्रा पूरे शरीर को सक्रिय करती है. हमारे शरीर में रक्त के संचालन को बढ़ाती है. Shalabhasan योग करने से बीमारियां आपसे दूर रहती हैं.

Shalabhasan करने से पहले ध्यान रखने वाली बातें

  1. इस आसन के करने के लिए हमें ढीले कपड़े पहनना चाहिए.
  2. इसे धीरे धीरे करना करना चाहिए, एक दम से इसका अभ्यास ना करें.
  3. ऐसे स्थान पर योग करना चाहिये जहां पर अच्छी और ताजी हवा हो.
  4. आसन करने के पहले हमें खाना नहीं खाना चाहिए.
  5. अगर आप सिरदर्द, गर्दन दर्द, और रीढ़ के दर्द से परेशान हैं तो आप इस योग को ना करें.
  6. गर्भवती महिलाओं को यह मुद्रा नहीं करनी चाहिए.
  7. अगर आप कमर दर्द, पीठ दर्द और घुटने के दर्द से परेशान हैं, तो डॉक्टर की सलाह से इस मुद्रा को करें.
  8. आसन करते समय हमें मुंह से सांस नहीं लेनी चाहिये, केवल नाक से सांस लेनी चाहिए.

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