कुंदन कुमार/पटना। माले के विधान पार्षद शशि यादव ने बिहार सरकार पर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल शिक्षा मद में बड़ी राशि खर्च करने का प्रावधान करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा। स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कम नहीं हो रही है और उच्च शिक्षा की व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है।

शशि यादव ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस विभाग में भी भारी बजट खर्च किया जाता है, लेकिन कई महीनों से आशा कार्यकर्ता और फेसिलिटेटर अपने मानदेय के लिए भटक रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार भुगतान में देरी के लिए सॉफ्टवेयर गड़बड़ी का हवाला दे रही है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि आशा बहनें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और यदि उन्हें समय पर मानदेय नहीं दिया गया तो यह उनके साथ अन्याय होगा। शशि यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र भुगतान सुनिश्चित नहीं किया तो बजट सत्र समाप्त होने के बाद वे श्रीकृष्ण बाबू की प्रतिमा के पास अनशन पर बैठेंगे।

उन्होंने सरकार से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में ठोस सुधार करने तथा आशा कर्मियों के लंबित भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की।