चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। पार्टी ने पंजाब में आई बाढ़ की स्थिति को इसका कारण बताया है। अकाली दल के अनुसार, जब पूरा पंजाब बाढ़ की मार झेल रहा है, तब उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी प्रभावित लोगों की मदद करना है। पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने वोटिंग में हिस्सा न लेने का ऐलान किया है। अकाली दल के पास वर्तमान में लोकसभा में केवल एक सीट है।

शिरोमणि अकाली दल का कहना है कि बाढ़ के कारण हजारों लोग बेघर हो गए हैं और किसानों की फसलें तबाह हो चुकी हैं। ऐसे समय में चुनाव में भाग लेने के बजाय, बाढ़ पीड़ितों तक हर संभव मदद पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पार्टी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग आज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, और वोटों की गिनती शाम 6 बजे से शुरू होगी। नतीजे उसी शाम घोषित किए जाएंगे। एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को नामित किया है। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डालते हैं, जिसमें राज्यसभा के नामित सांसद भी शामिल हैं। इस चुनाव में व्हिप जारी नहीं होता और गुप्त मतदान होता है।
सांसद अपनी इच्छा के अनुसार वोट डालने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन आमतौर पर वोटिंग पार्टी लाइनों के आधार पर होती है। हालांकि, पहले के चुनावों में क्रॉस वोटिंग देखी गई है और इस बार भी इसकी संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में राज्यसभा में 239 और लोकसभा में 542 सांसद हैं। जीत के लिए 391 वोटों की जरूरत है। एनडीए के पास 425 सांसदों का समर्थन है, और उसे कुछ अन्य पार्टियों से भी वोट मिलने की उम्मीद है।
- जदयू का तेजस्वी पर पलटवार, मां-बहन से साइन कराकर बताएं शराबबंदी कानून गलत है
- सिंहस्थ के लिए कामों की डेडलाइन तय, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- 2027 की दीपावली तक पूरे हों सारे कार्य
- नौकरी के नाम पर स्कैम: 15 बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी, CMHO के फर्जी सील-साइन कर थमा दिया ज्वाइनिंग लेटर, वार्ड बॉय निकला मास्टरमाइंड
- CG Police Transfer : थाना प्रभारियों का तबादला, एसपी ने जारी किया आदेश
- छत्तीसगढ़ सरकार अब देगी ‘मेडिटेशन लीव’ : सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को विपश्यना शिविर के लिए विशेष अवकाश, ऑन ड्यूटी माना जाएगा

