अजय नीमा, उज्जैन। Simhastha 2028: उज्जैन रेलवे स्टेशन पर जब अचानक एक के बाद एक तीन बार से अधिक सायरन गूंजा, तो पूरे शहर में सनसनी फैल गई। सायरन की आवाज सुनते ही रेलवे प्रशासन और पुलिस महकमे के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल रतलाम से दुर्घटना राहत वाहन को रवाना किया गया।

 “ट्रॉली पलटी, कई लोग दबे”

उज्जैन फातियाबाद के बीच लेकोड़ा के 4 नंबर सिग्नल के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई है, जिसमें कई लोग मलबे में दबे हैं। खबर की गंभीरता को देखते हुए चिंतामण थाना पुलिस ने जबरदस्त मुस्तैदी दिखाई और महज 8 मिनट के रिकॉर्ड समय में डायल 112 के साथ मौके पर पहुंच गई।

मॉकड्रिल में परखी गई तैयारी

मौके पर रेलवे के ADSO नंद किशोर मेहरा ने बताया कि यह आगामी सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर की गई एक ‘मॉकड्रिल’ थी। इसका उद्देश्य आपदा के समय विभिन्न विभागों के ‘रिस्पॉन्स टाइम’ को जांचना था। जहां पुलिस और इंजीनियरिंग विभाग समय पर पहुंचे, वहीं प्रशासनिक टीम की देरी चर्चा का विषय रही। इस सफल ड्रिल ने सुरक्षा तैयारियों की हकीकत और सुधार की जरूरतों को स्पष्ट कर दिया है। 

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