मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन प्रदेश में व्यापक रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है. कौशल प्रशिक्षण, उद्योग सहभागिता और रोजगार मेलों के समन्वित मॉडल के जरिए योगी सरकार ने लाखों युवाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की है. योगी सरकार की इस पहल को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 की शुरुआत में प्रदेश के पांच जनपदों में मंडल स्तरीय वृहद रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है. इन रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में निजी क्षेत्र की कंपनियां लगभग एक लाख युवाओं को मौके पर ही रोजगार उपलब्ध कराएंगी.
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना, पलायन को रोकना और प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके.
इसे भी पढ़ें : यही है अभ्युदय… मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने लिखी संघर्ष से सफलता तक की कहानी, किसान की बेटी पूजा बनी असिस्टेंट कमांडेंट
मंत्री ने बताया इस माह आयोजित किए जा रहे प्रत्येक रोजगार मेले में औसतन 100 कंपनियां भाग लेंगी और करीब 20 हजार युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा. इस तरह पांचों रोजगार मेलों के माध्यम से एक लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है. इन मेलों में संबंधित मंडलों के कई जनपदों के अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे. उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक जनपद और मंडल स्तर पर 186 वृहद रोजगार मेलों का आयोजन किया जा चुका है. इन मेलों के जरिए 4.32 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जो योगी सरकार की रोजगारपरक नीतियों की सफलता को दर्शाता है.
ग्रामीण युवाओं पर विशेष फोकस
योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति अपनाई है. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत आयोजित 1,624 रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 2.26 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है. कोविड संक्रमण के दौरान जब ऑफलाइन गतिविधियां स्थगित थीं, तब भी योगी सरकार ने रोजगार सृजन का अभियान नहीं रोका. ऑनलाइन रोजगार मेलों के माध्यम से उस अवधि में 10,000 से ज्यादा युवाओं को नौकरियां दिलाई गईं.
इसे भी पढ़ें : अब घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे युवा, सभी डिजिटल गांवों में खुल जाएगी डिजिटल लाइब्रेरी
चालू वित्तीय वर्ष में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रदेश के 74 जनपदों में रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 21,000 युवाओं का सफल सेवायोजन किया गया. प्रदेश सरकार का मानना है कि कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों से जोड़कर ही स्थायी रोजगार सृजन संभव है. योगी सरकार के मार्गदर्शन में कौशल विकास मिशन के तहत अपनाया गया समन्वित मॉडल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है और प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें


