सॉफ्टवेयर डेवलपर बना रहा दोसा… वजह जानकर उड़ जाएंगे होश

ये कन्हैया हैं, डोसा बनाते हैं, ये इनका पहला परिचय है. इनका दूसरा परिचय सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में है. इन्होंने खुद से ही सॉफ्टवेयर डेवलप करना सीख लिया और कई एप बना चुके हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि जब इस युवक को सॉफ्टवेयर बनाना आता है तो ये दोसा क्यों बना रहे है. चालिए आपको कन्हैया के दोसा बनाने की कहानी के बारे में भी बताते है.

नई दिल्ली.  इनके हुनर के मुरीद देश ही नहीं, दूसरे देशों में बैठे लोग भी हैं. इनके हुनर की रोशनी से शाम को बाजार की एक दुकान जगमगाती है तो सुबह को लैपटॉप की स्क्रीन ब्राइट हो जाती है. कन्हैया के बने डोसे का स्वाद भी लाजवाब है और उनके एप में ज्ञान का डिजिटल खजाना भी बेहिसाब.

हाल ही में कन्हैया ने एक ऐसा एप बनाया है जिसमें छात्रों को इंजीनियरिंग से सिविल परीक्षा से संबंधित सभी पाठ्य सामग्री मिलेंगी. कन्हैया का ये सफर इतना आसान नहीं रहा है. वर्ष 2013 में हाईस्कूल करने के बाद उन्हें पिता की बीमारी के कारण पढ़ाई छोडऩी पड़ी. कन्हैया के पिता डोसे की ठेल लगाते हैं. पिता की तबियत खराब होने और आर्थिक स्थिति ठीक न होने कारण कन्हैया को डोसे की ठेल संभालनी पड़ी. इस कारण उसे पढ़ाई भी छोडऩी पड़ी. कन्हैया की कंप्यूटर के क्षेत्र में रूचि थी. वह दिन में स्वाध्याय करते और शाम के समय डोसे की ठेल पर काम. वर्ष 2017 में कन्हैया ने खुद से ही सॉफ्टवेयर डेवलप करना सीख लिया. इसी दौरान उन्होंने आगे पढ़ाई करने की ठान ली. पांच साल बाद दोबारा पढ़ाई शुरू की. इंटर की परीक्षा में बैठे और उत्तीर्ण भी हो गए.

यू ट्यूब चैनल के हैं 14 हजार सब्सक्राइबर

कन्हैया ने 2017 में यूट्यूब पर ट्राइदेव नाम से अपना एक चैनल शुरू किया. इसके इस समय 14 हजार से अधिक सब्सक्राइबर हैं. इस चैनल पर वह कंप्यूटर से संबंधित जानकारी की वीडियो शेयर करते हैं. इससे वो प्रतिमाह दस हजार रुपये की कमाई करते हैं. इसके अलावा कन्हैया ने मोबाइल मंडी एप भी बनाई है.

जेनबस में हैं ये फीचर्स

जेनबस में लाइव कोर्सेज और विशेषज्ञों के लेक्चर अपडेट किए गए हैं. इस एप में सभी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के हाथ से लिखे नोट्स मिल जाएंगे. ये ही नहीं आप अपने नोट्स भी इस एप पर शेयर कर सकते हैं. इसके अलावा इंजीनियङ्क्षरग, सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली परीक्षाएं, एसएससी, सीटेट, यूपीएससी के नोटस भी इस एप में उपलब्ध है.

मिलेंगे यूनिक और अपडेटेड टेस्ट

कन्हैया ने बताया कि जेनबस एप में तैयारी के लिए यूनिक और अपडेटेड टेस्ट पेपर भी अपलोड किए गए है. जिनके जरिए परीक्षाओं में आने वाले पेपर का अभ्यास किया जा सकता है.

तमाम किताबें भी की गई हैं अपलोड

एप में कई किताबें भी अपलोड की गई है. इसमें पांच से लेकर 12 वीं तक की एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध हैं. इसके अलावा करेंट अफेयर्स, धर्म और अध्यात्म से जुड़ी किताबें भी इस एप में मिल जाएंगी. आप कहीं भी बैठकर इस एप के माध्यम से किसी भी विषय से जुड़ी किताब और नोट्स पढ़ सकते हैं.

विदेशों से भी मिलता है काम

कन्हैया के हुनर के दीवाने देश में ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी हैं. वह फ्रीलांसर के रूप में भी सॉफ्टवेयर बनाते हैं. इसके अलावा दिल्ली और बेंगलुरु की कंपनियां भी उनसे फ्रीलांसर के रूप में सॉफ्टवेयर तैयार करवाती हैं. कंप्यूटर में रूचि को ध्यान में रखते हुए कन्हैया ने डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि के इंजीनियरिंग संकाय में बीटेक में प्रवेश ले लिया. वह कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रहे हैं.

 

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