वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत आज बिलासपुर पहुंचे, जहां वे वरिष्ठ स्वयंसेवक काशीनाथ गोरे के स्मारिका विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. सरसंघचालक मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे कई बार बिलासपुर आए. हर कार्यक्रम में काशीनाथ जी की उपस्थिति रहती थी. यह पहली बार है कि वे यहां आए हैं और गोरे जी नहीं हैं. उन्होंने गोरे जी से जुड़े कई संस्मरणों को याद करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश सभी कार्यकर्ताओं को दिया. भागवत ने कहा, “वे सब कुछ खुद नहीं कर रहे थे, बल्कि सब उनसे हो रहा था.

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ स्वयंसेवक स्वर्गीय काशीनाथ गोरे को स्मरण करते हुए उन्हें आदर्श व्यक्तित्व बताया. उन्होंने कहा कि गोरे जी ने हर भूमिका में आदर्श जीवन जिया. किसी पद पर न रहते हुए भी लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचते थे और वे समाज के समन्वयक की तरह समाधान करते थे. उन्होंने याद किया कि जब उन्होंने कवर्धा में प्रैक्टिस शुरू की थी तब गोरे जी से मुलाकात हुई. गरीब बस्ती में सेवा प्रकल्प की शुरुआत की बात हुई और वे हर शनिवार देवारपारा में लोगों की सेवा करने जाने लगे. वहीं से “शनिचर डॉक्टर” नाम मिला.

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक भावना बोहरा, विधायक धरमजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे.